इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल के मंजहवाली गांव में शिव मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि 50 साल से अधिक पुराने निर्माण को अतिक्रमण बताकर जनहित याचिका के माध्यम से हटाने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल के मंजहवाली गांव में शिव मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि 50 साल से अधिक पुराने निर्माण को अतिक्रमण बताकर जनहित याचिका के माध्यम से हटाने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ऋषि पाल गिरि ने गाटा संख्या 762 पर दर्ज शिव मंदिर की जमीन पर प्रतिवादी संख्या छह की ओर से मकान बनाए जाने का आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की थी। उनका कहना था कि भूमि राजस्व अभिलेखों में शिव मंदिर के नाम दर्ज है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि मकान 50 साल से अधिक पुराना है। कोर्ट ने कहा कि कथित अतिक्रमण से प्रभावित लोग राजस्व या दीवानी कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रख सकते हैं। इन टिप्पणियों के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।