इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश का लोकायुक्त नियुक्त करने की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में राज्यपाल रामनाईक, मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पक्षकार बनाया जाएगा। याचिकाकर्ता अनूप बर्नवाल ने बुधवार को महानिबंधक कार्यालय में अर्जी देकर सुनवाई की मांग की है। याची अधिवक्ता का कहना है कि लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में उपरोक्त तीनोें प्राधिकारियों की भूमिका अहम है। लिहाजा नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका में इनको पक्षकार बनाया जाना आवश्यक है। अर्जी पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी और न्यायमूर्ति मुख्तार अहमद की खंडपीठ सुनवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि अनूप बर्नवाल ने जनहित याचिका के माध्यम से लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी है। कहा गया है कि लोकायुक्त की नियुक्ति हेतु मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश तीनों की सहमति अनिवार्य है। मुख्य न्यायाधीश की राय को नजरअंदाज कर लोकायुक्त का नाम प्रस्तावित करना अनुचित है। उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए निर्धारित की गई प्रक्रिया को लेकर भी याचिका में सुनवाई की जाएगी। इसकी सुनवाई के लिए सात सितंबर की तिथि नियत है।