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Pryagraj News: पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा से जुड़े़ 25 असलहे होंगे निरस्त, पुलिस ने तेज की जांच पड़ताल

Sat, 18 Jul 2020 10:06 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा और उनके बेटे शुभम मिश्र को जेल भेजने के बाद पुलिस की निगाह अब दिलीप मिश्रा और उनसे जुड़े लोगों के लाईंसेंसी असलहों पर टिक गई है। इन असलहों को चिन्हित करके उनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया के लिए पुलिस प्रशासन स्तर पर बड़े जोर शोर से तैयारी चल रही है।

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ताजा आंकड़ों के अनुसार ऐसे करीब 25 असलहों की पहचान की गई है, जो दिलीप मिश्रा और उनके सगे संबंधियों के अलावा खास शार्गिदों के नाम हैं। सूत्रों के अनुसार करीब दस असलहे तो दिलीप मिश्रा, उनकी पत्नी अर्चना मिश्रा और उनके सालों के नाम हैं, बाकी 15 के आस-पास ऐसे और असलहों की लिस्ट तैयार की गई हैं, जिनका उपयोग दिलीप मिश्रा या उनसे जुड़े लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में करते हैं।

prayagraj news - फोटो : prayagraj
गौरतलब है कि मई महीने में पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के लवायन कला गांव स्थित कालेज में पुलिस टीम ने छापा मारकर सुल्तानपुर के शूटर नीरज सिंह और उनके बेटे शुभम मिश्रा को गिरफ्तार किया था। अगले दिन दिलीप मिश्रा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर तीनों को जेल भेज दिया था। उसके बाद से ही दिलीप मिश्रा पर पुलिस प्रशासन संग शासन की निगाह टेढ़ी हो गई।

उसके बाद एक-एक करके दिलीप मिश्रा से जुड़े चार अन्य लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया था। अब पुलिस प्रशासन की निगाह दिलीप मिश्रा और उनसे जुड़े लोगों के लाईसेंसी असलहों पर टिक गई है। इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से बाकायदा एक लिस्ट मनाई गई है। सूत्रों के मुताबिक उसमें करीब 25 लाईसेंसी असलहाधारियों के नाम हैं, जिन पर पुलिस की गाज गिरनी तय मानी जा रही है। 
  • दिलीप मिश्रा की पत्नी अर्चना मिश्रा से डिटेल मांगी गई तो उन्होंने बताया कि कुछ असलहों को बेचकर उनके स्थान पर दूसरे असलहे लिए गए हैं। वो कौन-कौन से असलहे हैं, इसके लिए जिलाधिकारी कार्यालय से डिटेल मांगा गई है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- आशुतोष तिवारी, क्षेत्राधिकारी, करछना।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

दिलीप मिश्रा के असलहों की तलाश में सील गन हाउस में की गई चेकिंग

चाका विकास खंड के पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं सपा नेता दिलीप मिश्रा और उनके परिवार पर पुलिस का शिंकजा कसता जा रहा है। इस कड़ी में शनिवार को डीएम एवं आ ईजी के आदेश पर एसडीएम आकांक्षा राना व सीओ करछना आशुतोष तिवारी की टीम ने क्षेत्र के काटन मिल स्थित एक बंद पड़े गन हाउस को खोलवाकर जांच पड़ताल की।

पुलिस को पता चला था उस गन हाउस में दिलीप मिश्रा और उनसे जुड़े लोगों के 10 लाईसेंसी असलहे रखे गए हैं।  जिनमें रिवाल्वर, रायफल, डीबीबीएल व सिंगल बैरल बंदूक हैं। पुलिस के पास जो लिस्ट है उसमें तीन से चार असलहे तो औद्योगिक क्षेत्र में जमा हैं और दस असलहे काटन मिल तिराहे के समीप स्थित पांडेय गन हाउस में जमा बताए गए थे। ये गन हाउस दिलीप मिश्रा के साले का है लेकिन पांच साल से सील है। शनिवार को एसडीएम करछना आकांक्षा राना व सीओ करछना आशुतोष मिश्रा की टीम पांडेय गन हाउस का सील तोड़कर वहां रखे असलहों की जांच की।

सीओ करछना आशुतोष तिवारी ने बताया कि असलहों में पानी जाने की वजह से बाहर के नंबर खराब हो गए हैं। असलहों के अंदर भी एक नबंर होता है, जिसे हेड आरमोरर बता सकते हैं। उनसे असलहों को चेक करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। उनकी पत्नी अर्चना मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि इनमें से कुछ असलहे बेंचकर दूसरे खरीदे गए हैं। उनके बारे में डीएम कार्यालय से जानकारी मांगी गई है कि कौन-कौन से असहले बेंचकर क्या-क्या खरीदे गए हैं।
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