फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahakumbh : महाकुंभ में श्रद्धालुओं को मुहैया कराएं शुद्ध गंगा जल, एनजीटी जल की गुणवत्ता पर तलब की रिपोर्ट

Fri, 27 Sep 2024 02:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एनजीटी ने कमेटी को महाकुंभ के दौरान गंगा जल की गुणवत्ता पर विचार करने का निर्देश दिया है। कहा कि नालों आदि का पानी बिना शोधित गंगा-यमुना में न गिरने पाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 10 स्थानों पर निरीक्षण कर प्रत्येक 15 दिन पर कमेटी को रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है। इसके आधार पर कमेटी दो माह में अपनी रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष पेश करेगी।
विज्ञापन
अद्भुत दृश्य त्रिवेणी का। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली (एनजीटी) ने जनवरी 2025 से प्रयागराज में शुरू होने वाले महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को गंगा-यमुना में स्नान योग्य जल मुहैया कराने को कहा है। इसके लिए एनजीटी ने प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी गठित करने का आदेश देते हुए दो माह में गंगा जल की गुणवत्ता पर रिपोर्ट तलब की है।

विज्ञापन


यह आदेश एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी व विशेषज्ञ सदस्य डॉ.ए सैंथल की पीठ ने अधिवक्ता सौरभ तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। एनजीटी की ओर से गठित हाईपावर कमेटी में प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अध्यक्ष और सचिव जलशक्ति मंत्रालय उप्र, सचिव एमओईएफ एवं सीसी, चेयरमैन सीपीसीबी, चेयरमैन उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य बनाए गए हैं।

एनजीटी ने कमेटी को महाकुंभ के दौरान गंगा जल की गुणवत्ता पर विचार करने का निर्देश दिया है। कहा कि नालों आदि का पानी बिना शोधित गंगा-यमुना में न गिरने पाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 10 स्थानों पर निरीक्षण कर प्रत्येक 15 दिन पर कमेटी को रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है। इसके आधार पर कमेटी दो माह में अपनी रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष पेश करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

संयुक्त समिति के मुताबिक...गंगा में जा रहा 44 नालों का पानी

इससे पहले एनजीटी ने संयुक्त समिति की 20 मई 2024 की रिपोर्ट पर विचार किया। रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज शहर के 44 नाले सीधे गंगा में जा रहे हैं। यहां कुल 81 नाले हैं, जो 289.97 एमएलडी सीवेज उत्सर्जित कर रहे हैं। 10 एसटीपी भी चल रहे हैं, लेकिन उनकी शोधन क्षमता केवल 178.31 एमएलडी है। नतीजतन 73.80 एमएलडी गंदा पानी नदी में जा रहा है।

एनजीटी ने पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार से समयबद्ध कार्ययोजना तलब की थी। डीएम प्रयागराज ने 19 सितंबर 2024 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर कहा कि 39 नाले शोधित नहीं है। दो एसटीपी अगस्त 25 व फरवरी 26 तक चालू होंगे। एक और एसटीपी बनने में समय लगेगा। यह भी कहा कि कहा कि नाले बंद किए जाएंगे, लेकिन इनका सीवेज कहां जाएगा। फिलहाल, इसकी जानकारी नहीं दी गई। एनजीटी ने कहा कि अनुमान है कि कुंभ मेले में 25 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। इसलिए जल स्नान योग्य बनाया जाए और कमेटी इसके लिए गंभीर प्रयास करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें