संयुक्त समिति के मुताबिक...गंगा में जा रहा 44 नालों का पानी
इससे पहले एनजीटी ने संयुक्त समिति की 20 मई 2024 की रिपोर्ट पर विचार किया। रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज शहर के 44 नाले सीधे गंगा में जा रहे हैं। यहां कुल 81 नाले हैं, जो 289.97 एमएलडी सीवेज उत्सर्जित कर रहे हैं। 10 एसटीपी भी चल रहे हैं, लेकिन उनकी शोधन क्षमता केवल 178.31 एमएलडी है। नतीजतन 73.80 एमएलडी गंदा पानी नदी में जा रहा है।
एनजीटी ने पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार से समयबद्ध कार्ययोजना तलब की थी। डीएम प्रयागराज ने 19 सितंबर 2024 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर कहा कि 39 नाले शोधित नहीं है। दो एसटीपी अगस्त 25 व फरवरी 26 तक चालू होंगे। एक और एसटीपी बनने में समय लगेगा। यह भी कहा कि कहा कि नाले बंद किए जाएंगे, लेकिन इनका सीवेज कहां जाएगा। फिलहाल, इसकी जानकारी नहीं दी गई। एनजीटी ने कहा कि अनुमान है कि कुंभ मेले में 25 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। इसलिए जल स्नान योग्य बनाया जाए और कमेटी इसके लिए गंभीर प्रयास करे।