इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति के लिए सर्च कम सेलेक्शन कमेटी के गठन होने की चर्चाओं के साथ कमेटी को लेकर विरोध शुरू हो गया है। कमेटी में प्रो. सीएल खेत्रपाल को सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के विरोध में ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे पहले ही मंत्रालय को पत्र लिख चुके हैं और अब राज्यसभा सांसद रेवती रमण सिंह ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखकर प्रो. खेत्रपाल के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई है।
इविवि में चर्चा है कि मंत्रालय ने सर्च कमेटी का गठन कर दिया है और कमेटी के सदस्य के रूप में प्रो. सीएल खेत्रपाल एवं प्रो. गौतम सेन को मनोनीत किए जाने पर अंतिम मुहर लगा दी है। साथ ही यूजीसी के चैयरमैन को विजिटर नॉमिनी के रूप में कमेटी में शामिल किया गया है। इस चर्चा के साथ ही इविवि में शिक्षकों का एक धड़ा इसके विरोध में खड़ा हो गया है। यह विरोध प्रो. खेत्रपाल को कमेटी में शामिल किए जाने को लेकर हो रहा है। छह मार्च को जब कार्य परिषद की बैठक में प्रो. खेत्रपाल और प्रो. गौतम सेन को कमेटी का सदस्य मनोनीत किया गया था, उस वक्त भी प्रो. खेत्रपाल के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी और ऑटा अध्यक्ष की शिकायत पर मंत्रालय ने पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि जल्द ही कार्य परिषद की बैठक बुलाकर प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे व्यक्ति का चयन किया जाए।
मंत्रालय के इसी पत्र का हवाला देते हुए सांसद रेवती रमण सिंह ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से मांग की है कि कार्य परिषद की बैठक बुलाकर प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को कमेटी का सदस्य मनोनीत किया जाए। सांसद का आरोप है कि प्रो. खेत्रपाल का चयन यूजीसी रेगुलेशन-2018 का उल्लंघन करते हुए विधि विरुद्ध किया गया है। सांसद का कहना है कि प्रो. खेत्रपाल के इविवि के कुलपति रहते हुए उन पर अनियमितता के कुछ ऐसे आरोप लगे थे, जिनके खिलाफ इविवि के ही कुछ शिक्षकों ने न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। सांसद का आरोप है कि प्रो. खेत्रपाल अपने हिसाब से कुलपति का चयन करके इन मामलों को रफा-दफा करवाना चाहते हैं। सांसद ने मांग की है कि सर्च कमेटी का गठन निष्पक्ष रूप से किया जाए और जल्द ही कार्य परिषद की बैठक बुलाकर प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को कमेटी का सदस्य मनोनीत किया जाए।
न्यायालय जाने की भी तैयारी
सर्च कमेटी के सदस्य के रूप में प्रो. खेत्रपाल के नाम पर मंत्रालय की मुहर लगने की चर्चा शुरू होने पर शिक्षक को एक धड़ा इसके विरोध में न्यायालय जाने की तैयारी कर रहा है। शिक्षकों को सर्च कमेटी के गठन की आधिकारिक रूप से सूचना मिलने का इंतजार है। शिक्षकों का कहना है कि यूजीसी रेगुलेशन में स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय से जुड़ा कोई भी व्यक्ति सर्च कमेटी का सदस्य नहीं हो सकता, जबकि प्रो. खेत्रपाल इविवि के कुलपति और कार्य परिषद के सदस्य रह चुके हैं।