पत्थर गिरजा स्थित धरना स्थल पर नागरिक समाज ने सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए प्रदर्शन किया गया। नारेबाजी करते हुए सोनम पर लगाए गए एनएसए कानून को रद्द करके तत्काल रिहा करने की मांग की। सोनम वांगचुक द्वारा लद्दाख में छठी अनुसूची को लागू करने तथा पूर्ण राज्य की मांग को पूरा करने के लिए चलाया जा रहे आंदोलन के कारण केंद्र की मोदी सरकार ने उनके ऊपर दमनात्मक कार्यवाही की हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोनम वांगचुक वैज्ञानिक तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान बेहद सराहनीय रहा है। उनकी देशभक्ति पर किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता। उन्हें अलग-अलग तरह के पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है, लेकिन मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन करने को भी अपराधिकृत बताकर कार्यवाही कर रही है। इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना स्थल पर सभा की गई जिसमें विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
नागरिक समाज इलाहाबाद ने एकजुट होकर एक स्वर में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने और उसे छठवीं अनुसूची में शामिल किए करने की मांग कर रही थीं। पूरे देश में बढ़ते रोजगार की संकट खेती किसानी और उद्योग धंधों पर लगातार मंडराते खतरे के खिलाफ सभी को एकजुट होने की अपील की गई।
नागरिक समाज के विरोध प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठन,किसान संगठनों, मजदूर संगठनों समेत प्रबुद्ध वकील, डॉक्टर, छात्र मौजूद रहे हैं। इस मौके पर आनंद मालवीय, सुभाष पांडे,अविनाश मिश्रा, आशीष मित्तल पद्मा सिंह सिंह, ऋषेश्वर उपाध्याय,सिद्धेश्वर जी, राघवेंद्र जी, सीमा आजाद, आरती पांडे, राजेश सचान, नसीम अंसारी, कमल उसरी, मनीष कुमार, चित्तजीत मित्रा,असरार अहमद नियाजी, चंद्रप्रकाश आदि लोगों ने बात रखी। सभा का संचालन अविनाश ने किया।