Proposal for construction of Ganga reservoir for flood protection
प्रयागराज। बाढ़ की आपदा से बचाव व संगम पर हमेशा जल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए नए गंगा जलाशय के निर्माण की आवाज उठाई गई है। गंगा जलाशय(बैराज) के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन लघु सूक्ष्म व खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को दिया गया। इस ज्ञापन में प्रस्तावित गंगा जललाशय के फायदों को प्रमुखता से दर्ज किया गया है।
बाढ़ के दौरान महीने भर से अधिक समय तक कछार में डूबी रहने वाली तीन लाख से अधिक की आबादी की हिफाजत व संगम पर पर्याप्त जल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह पहल जल संरक्षण विकास समिति की ओर से की गई है। समिति के संरक्षक पूर्व मंत्री डॉ नरेंद्र कुमार गौर और अध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिंह ने इन समस्याओं से निजात पाने के लिए गंगा जलाशय के निर्माण के लिए पीएम को ज्ञापन भेजा है। मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के जरिए दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि बारिश के महीने के बाद प्रयागराज में गंगा जल का अभाव पैदा हो जाने की वजह से संगम पर धारा प्रतिवर्ष सूख जाती है। जबकि वर्षा ऋतु के दौरान बाढ़ का पानी हमेशा व्यर्थ बह जाता है।
साथ ही कछार में बसे हजारों भवनों के डूबने की वजह से लोगों की करोड़ों की गृहस्थी चौपट होती है अलग से। ऐसे में अगर प्रयागराज की सीमा पर ही गंगा जलाशय का निर्माण कर बाढ़ के पानी के संचय किया जाए तो संगम पर हमेशा जल की उपलब्धता भी बनी रह सकती है और बाढ़ से निबटा भी जा सकता है। मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने और लोगों को राहत दिलाने का भरोसा दिलाया है।
गंगा जलाशय के फायदे
------------------
-यह जलाशय गंगा की धारा में मानक के अनुसार प्रवाह बनाए रखने में मददगार साबित होगा
-हमेशा प्रवाह बने रहने की वजह से गंगा में जल प्रदूषण की समस्या भी कम होगी
-स्थानीय स्तर पर पेयजल, सिंचाई व अन्य साधनों पर जलाशय का पानी इस्तेमाल होने से केंद्रीय बांधों पर निर्भरता घटेगी
-वर्षा ऋतु के दौरान गंगा-यमुना के प्रवाह की जलराशि को जलाशय में संचित कर बाढ़ की स्थिति से बचा जा सकेगा।
-प्रयागराज में निरंतर घटते भू-जल स्तर को बचाए रखने में मदद मिललेगी और वाटर रिचार्जिंग हो सकेगी।