बीच में पढ़ाई छोड़ने अथवा छह से 14 वर्ष आयु के जिन बच्चों ने विद्यालयों में प्रवेश नहीं लिया है, उनके लिए राज्य शिक्षा संस्थान ने पाठ्यक्रम का विकास किया है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के कक्षा छह, सात एवं आठ के बच्चे अब सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई के दौरान विषय वस्तु को चित्रों, उदाहरणों, गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं प्रोजेक्ट कार्य के जरिए सीख सकेंगे।
राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि ऐसे बच्चों के विशेष प्रशिक्षण के लिए उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषय का संघनित पाठ्यक्रम एवं पाठ्यसामग्री का विकास किया जा रहा है। कार्यक्रम समन्वयक नीलम मिश्रा ने बताया कि इसके अंतर्गत हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन तथा पृथ्वी एवं हमारा जीवन की विषयवस्तु को चित्रों उदाहरणों, गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं प्रोजेक्ट कार्य के माध्यम से सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।