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अध्यापक से अधिक वेतन भुगतान की वसूली पर रोक 

Wed, 08 Jul 2020 08:56 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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पैसे - फोटो : pixabay
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद से मूल पद पर वापस भेजे गए अध्यापक से अधिक भुगतान वेतन की वसूली पर रोक लगा दी है। लक्ष्मण प्रसाद इंटरमीडिएट कालेज वीरभद्रपुर, भदोही के कार्यकारी प्रधानाचार्य को पदावनति देकर मूल पद पर भेज दिया गया।
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इसके बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहने के दौरान उनको दिए गए वेतन की वसूली प्रारंभ कर दी गई। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने   अधिक वेतन की वसूली करने के जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने रमाशंकर सिंह यादव की याचिका पर दिया है। 

याची का कहना है कि कालेज में उससे दो वरिष्ठ अध्यापकों ने उसे प्रधानाचार्य का कार्यभार संभालने पर अनापत्ति देते हुए हलफनामा दिया और उसे कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया। किन्तु 24अप्रैल 20 को संयुक्त निदेशक शिक्षा विंध्याचल मंडल मिर्जापुर ने यह कहते हुए पद से हटाते हुए मूल पद पर वापस भेज दिया है कि नियमानुसार वरिष्ठतम अध्यापक ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया जा सकता है। याची वरिष्ठतम अध्यापक नहीं है। 
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कोर्ट ने जानना चाहा कि किस नियम से वरिष्ठ अध्यापकों ने याची के पक्ष में हलफनामा दिया है। 

याची अधिवक्ता का कहना था कि यदि किसी वरिष्ठ अध्यापक ने प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति लेने से इंकार कर दिया है तो वह दुबारा उस पद का दावा करने का अधिकार खो देता है। कोर्ट ने कहा कि याची के पक्ष में अनापत्ति से यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति लेने का दावा छोड़ दिया है।
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