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दुराचार के आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक, विवेचना में सहयोग का निर्देश 

Thu, 21 May 2020 08:54 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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court order - फोटो : court order
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फूलपुर वाराणसी में दुराचार के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के तहत पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक आरोपी याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही याची को पुलिस विवेचना में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज नकवी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने मदन किशोर व दो अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आरएन यादव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बहस की। 
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याची का कहना था कि वह पीड़िता के साथ पति-पत्नी की तरह पिछले 15 वर्षों से रह रहा है। विगत दिनों याची के बेटे व दामाद के कारण अप्रिय घटना को लेकर विपक्षी ने तैश में आकर प्राथमिकी दर्ज करा दी है।

प्रमोद सूर्यभान पवार केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सहमति से शारीरिक संबंध बनाने में कोई अपराध नहीं होता। इसलिए प्राथमिकी रद्द की जाए। सरकारी वकील की आपत्ति थी कि प्राथमिकी से अपराध बनता है, जिस पर कोर्ट ने विवेचना जारी रखने का आदेश देते हुए गिरफ्तारी से राहत दी है।
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