अतीक से क्या लेना-देनाः प्रो. फातमी
प्रो. फातमी ने अतीक से संबंध जोड़ने पर कड़ा प्रतिवाद किया। बताया, वर्ष 1988 में महमूदा बेगम से प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। बेटी नायला फातमी के लिए भी पड़ोस में प्लॉट लेकर घर बनवाया था। नजूल भूमि के पट्टे की सीमा 1999 में खत्म होने से पहले ही नवीनीकरण के लिए पैसा जमा कर दिया था। लेकिन, नवीनीकरण नहीं किया गया। हमें बेवजह अतीक से जोड़ कर 32 वर्षों की कमाई रेत की तरह पीडीए ने ध्वस्त कर दी। कहा, जीवनभर छात्रों को पढ़ाया, समाज की सेवा की। हमें अतीक से क्या लेना।
इस मामले में जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। हम पक्षकार भी नहीं हैं। यह मामला पीडीए से संबंधित है। वही निर्णय लेगा। - रविंद्र मांदड़, जिलाधिकारी
लूकरगंज में नोटिस देने के बाद ही नजूल भूमि से अवैध निर्माण हटाए गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमें मान्य है। फैसले की कापी मिलने के बाद ही कुछ आगे बता सकूंगा। - अजीत कुमार सिंह, सचिव, पीडीए