वहीं वीडियो को लेकर छात्र गुटों ने कहा कि प्रोफेसर किस तरह छात्र की रैगिंग कर रहे हैं और गाली भी दे रहे हैं वह भी तब, जब छात्राएं भी बैठी हुई हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में वर्तमान की स्थिति यह है कि साधारण छात्रों को थप्पड़ मारा जा रहा है और गाली दी जा रहीं हैं। इसके बावजूद भी छात्रों पर फर्जी एफआईआर और निष्कासन किया जा रहा है।
प्रो. अरुण गर्ग ने कक्षा में हुई घटना के घटनाक्रम को बताते हुए बिना शर्त क्षमा मांगी। उन्होंने कहा है कि कक्षा में लड़के आगे की दो लाइन छोड़कर पीछे बैठे थे, निरंतर यह बताया गया था कि आगे से बैठना चाहिये और पीछे के लड़कों को आगे बैठा दिया था। उपस्थिति की शीट पर उन लड़कों के हस्ताक्षर नहीं हो पाये थे जो पीछे से आगे आए थे।
उन्होंने कक्षा को हस्ताक्षर करने के लिए रोका। अरुण गर्ग ने कहा कि आपने प्रोटोकॉल तोड़ा है। इस पर विजय कुमार नाम के छात्र ने बहस करना शुरू कर दी और बोला प्रोटोकॉल आपने तोड़ा है हम तो पीछे बैठे थे आपने आगे बुलाया। इस बात पर मेरा रक्त चाप बढ़ गया और मेरे मुंह से अपशब्द निकले जिसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।