Prayagraj News : ब्वॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
उनके साथ ही मुट्ठीगंज, रामबाग, साउथ मलाका, बैरहना, कोठापार्चा, सिविल लाइंस, शिवकुटी, अल्लापुर, कालिंदीपुरम और धूमनगंज के तमाम छुटभैये अपराधी भी इन ग्रुप्स से जुड़ गए हैं। सारे ग्रुप विरोधी ग्रुप के लड़कों से मारपीट के लिए बनाए गए थे। अपराधियों के जुड़ने के बाद धीरे-धीरे ग्रुप के सदस्य बमबाजी करने लगे और तमंचा लेकर चलने लगे। बड़े स्कूलों में छुट्टी के समय दहशत फैलाने के लिए बमबाजी की जाती थी।
कई बार विरोधी गुट के कई लड़कों को लहूलुहान भी किया गया। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि जहां-जहां बमबाजी और मारपीट की घटनाएं हुई हैं, वहां सीसीटीवी लगे थे। अब सबकी जांच हो रही है। पुलिस तमाम ग्रुप्स से जुड़े अपराधियों की सूची तैयार कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सुबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी को एफआईआर में नामजद किया जाएगा।
मारपीट कर बनाते थे वीडियो, ग्रुप में भी करते थे शेयर
इंस्टा ग्रुप से जुड़े छात्र विरोधी छात्रों के साथ मारपीट करते थे और उसका वीडियो भी बनाते थे। वीडियो को वे अपने ग्रुप में वायरल कर देते थे। शाम को मारपीट करने वाले छात्रों को सिविल लाइंस में पार्टी दी जाती थी। ऐसे कई वीडियो पुलिस को मिले हैं।
वेब सिरीज से प्रेरित गिरोहों के नाम
शहर के बैड ब्वॉयज के इंस्टा ग्रुप्स के नाम ज्यादातर वेब सिरीज के आधार पर रखे गए हैं। तांडव, इमोरटल जगुआर आदि वेब सिरीज भी हैं और इंस्टा ग्रुप भी हैं। शहर के नामी स्कूलों में पढ़ने वाले बड़े बड़े घरों के तमाम लड़कों ने एक दूसरे से गैंगवार की तरह दुश्मनी निभाई है। जांच कर रहे पुलिस वालों के मुताबिक पिछले एक साल में गिरोह ने 150 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है।
Prayagraj News : ब्वॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज पर की गई बमबाजी। फाइल फोटो
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सीधे सादे छात्रों से मारपीट, उनसे पैसा वसूली, ब्लैकमेलिंग, बमबाजी, तमंचे से फायर इन गिरोहों की खास पहचान है। ऐसा नहीं कि पुलिस ने इन गिरोहों पर पहली बार हाथ डाला है। सिर्फ एक महीने की बात जाय तो गिरोहों से जुड़े हुए करीब 35 लोगों को पुलिस बमबाजी में गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद भी इन ग्रुप्स की गतिविधियां कम या खत्म होने का नाम नहीं लेतीं।
छात्रों के इंस्टा ग्रुप में बड़ी संख्या में अपराधियों के जुड़े होने की जानकारी मिली है। उनके बारे में जानकारी और सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। जल्द ही ऐसे लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज किए जाएंगे। कई जगह की सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर जांच कराई जा रही है। - एएसपी अभिषेक भारती, सीओ सिविल लाइंस