फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: खामियों की जांच थमी, कार्रवाई की आंच पर फेरा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
मई में सिविल लाइंस स्थित एक होटल में भीषण आग लगी थी। घटना के बाद कुछ प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के इंतजाम परखे गए। कुछ ही दिनों में खामियों की जांच थम गई। किसी पर आंच आती, उससे पहले ही पूरी कवायद पर लापरवाही और अनदेखी का पानी फेर दिया गया।
विज्ञापन

होटल में लगी आग पर समय रहते काबू न पाया गया होता तो बड़ी जनहानि होती। इस घटना ने शहर के प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी थी। हालात में सुधार अभी भी नहीं है। बड़ी संख्या में इमारतें लाक्षागृह की तरह बनी हुई हैं। इनमें अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
इसके बाद दिल्ली के एक होटल में अग्निकांड हुआ। अग्निशमन विभाग ने फिर जांच अभियान चलाया। उस दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले तीन कोचिंग सेंटरों को प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सहयोग से सील भी कराया। इसके बाद अभियान की रफ्तार थम गई। शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण व आग से बचाव के अन्य इंतजाम नाकाफी हैं।
विज्ञापन

बड़ी संख्या में कोचिंग, पढ़ते हैं हजारों छात्र
प्रयागराज में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से कई संस्थान बहुमंजिला इमारतों में संचालित हैं। यहां आपातकालीन निकास, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अग्नि शमन विभाग की जांच में भी खामियां मिली हैं, लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई।


घटना के बाद ही कवायद क्यों

सवाल यह है कि हादसे के बाद ही विभागों को कार्रवाई की याद क्यों आती है? कार्रवाई के नाम पर जो खानापूर्ति की जाती है, उसके बाद क्या होता है? जहां कार्रवाई की गई वहां मानक पूरे किए गए या नहीं, इसकी निगरानी की क्या व्यवस्था है? ये सूचनाएं आमजनता के लिए सार्वजनिक क्यों नहीं की जातीं?


मंगलवार सुबह से टैगोर टाउन, सिविल लाइंस, कर्नलगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और भवन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। मानकों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सभी फायर स्टेशन से जांच का विस्तृत ब्योरा निर्धारित प्रारूप में मांगा है। - चंद्र मोहन शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें