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प्रो.ए.सत्यनारायण कला संकाय के शिक्षक नहीं

Fri, 28 Oct 2016 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में डेढ़ वर्ष तक डीन कला संकाय एवं पांच महीने तक कुलपति का प्रभार संभालने वाले समाजशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर ए सत्यनारायण को उनका विवि कला संकाय का शिक्षक नहीं मानता। विवि के रजिस्ट्रार की ओर से प्रो. सत्यनारायण को भेजे पत्र में उल्लेख किया गया है कि उनका विभाग कला संकाय के अधीन नहीं है। विवि के इस निर्णय के बाद से पूरे विभाग की मान्यता को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। विवि के इस फैसले के बाद अब वहां कार्यरत तीन अन्य शिक्षकों के भविष्य को लेकर सवालिया निशान लग गया है।
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वरिष्ठता का विवाद गहराया


इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से भेजे गए इस पत्र के बाद शिक्षकों की वरिष्ठता का विवाद हल होता दिखाई नहीं पड़ रहा है। विवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने समाजशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर ए. सत्यनारायण को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि विवि का समाजशास्त्र विभाग कला संकाय का हिस्सा नहीं है। रजिस्ट्रार की ओर से भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समाजशास्त्र विभाग स्वतंत्र विषय के रूप में है, इस विभाग को अभी तक विवि के विजिटर (राष्ट्रपति) की ओर से कला संकाय का हिस्सा बनाने की मंजूरी नहीं मिली है। इस समय विभाग में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आशीष सक्सेना सहित दो असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं। विभाग में पीजी कक्षाएं चल रही हैं, विभाग के शिक्षकों के अधीन शोध भी चल रहा है। ऐसे में विवि के इस सत्र के बाद इन छात्रों का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है।प्रोफेसर सत्यनारायण की सीनियारिटी के दावे को हाईकोर्ट ने भी सही माना है।


प्रोफेसर सत्यनारायण को भेजे पत्र में कहा गया है कि आपकी समाजशास्त्र विभाग में नियुक्ति 20 जून 2010 को हुई है, आपका प्रोबेशन 21 जून 2011 को पूरा हुआ, जबकि प्रोफेसर सत्यनारायण इविवि के मनोविज्ञान विभाग में 1996 से प्रोफेसर हैं, इसी वरिष्ठता के नाते उन्हें दो वर्ष पूर्व उन्हें डीन कला संकाय नियुक्त किया गया था। उनकी वरिष्ठता के कारण प्रोफेसर सत्यनारायण को मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी ने जून 2015 से दिसंबर 2015 तक कुलपति का प्रभार भी सौपा था। उनसे वरिष्ठ प्रोफेसर का दावा करने वाले प्रो. केएस मिश्र 1999 में शिक्षाशास्त्र में प्रोफेसर बने हैं।
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