prayagraj news : प्रियंका गांधी बसवार गांव में मछुआरा समुदाय की बच्चियों के साथ।
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रविवार को बसवार से विदा होने के साथ ही प्रियंका यहां की यादें भी समेट लें गईं। इसलिए दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने बसवार के रिश्ते को मजबूती देते हुए अपनी सुरक्षा में लगी बेटियों को उपहार भिजवाए। इसी तरह उन्होंने नाविक की बेटियों के लिए भी उपहार भिजवाए जो प्रियंका को संगम में डुबकी लगाने के लिए ले गए थे और जलयात्रा के दौरान उन्होंने उन्हें चप्पू चलाना भी सिखाया था। प्रियंका से मिले उपहार को पाकर वैष्णवी, माला और पूजा के साथ ही नाविक सुजीत की तीनों बेटियां भी खुश हईं।
प्रियंका गांधी रविवार को बसवार पहुंचने के बाद वहां अपने मछुआरों की बेटियों के सुरक्षा कवच में कर लिया था। वैष्णवी, पूजा और माला उनकी कमांडो भी बन गई। प्रियंका कार्यक्रम स्थल से लेकर यमुना किनारे दो किलोमीटर तक धूल के गुबारों के बीच पैदल चलने के दौरान उनके साथ ही रही। बेटियों के साथ प्रियंका के इस दोस्ताना व्यवहार पर हर किसी की नजर रही।
प्रियंका ने बेटियों के नंबर भी लिए थे। सोमवार को तीनों बेटियों के पास उपहार पहुंचे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रियंका गांधी उनके लिए उपहार में कपड़े भेजेंगी। उपहार पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वैष्णवी ने कहा कि मैम ने उन्हें अपना प्यार भेजा है। इसी तरह नाविक संतोष सुजीत निषाद की छह साल, चार साल और दो साल की बेटियों के लिए भी प्रियंका गांधी ने कपड़े भेजे। सुजीत निषाद ने इसके लिए आभार जताया।