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प्रियंका गांधी ने नाव का चप्पू थाम दिया संदेश, 2022 में सियासी धारा को मोड़ने के लिए हैं तैयार

Thu, 11 Feb 2021 08:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : प्रयागराज संगम में नाव चलातीं प्रियंका गांधी। - फोटो : prayagraj
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को बेटी मिराया वाड्रा संग स्नान किया। इस दौरान बेटी की सहेली और उसकी मां भी साथ रहीं। संगम में स्नान के दौरान प्रियंका ने श्रद्धालुओं संग सेल्फी ली। संगम से अरैल घाट लौटते समय नाव की पतवार खुद ही संभाल ली थी और संदेश दिया कि 2022 के चुनाव में सियासी धारा को वह कांग्रेस पक्ष में मोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मनकामेश्वर मंदिर में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इससे पहले स्वराज भवन में उन्होंने अपने पूर्वजों को नमन किया तथा अनाथालय के बच्चों से मुलाकात की।

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प्रयागराज में प्रियंका गांधी - फोटो : Amar Ujala
प्रियंका गांधी चार्टेड प्लेन से बमरौली एयरपोर्ट पर उतरीं। उन्हें एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे ही पहुंचना था लेकिन प्लेन करीब 11.40 बजे उतरा। इसके बाद करीब 12.28 बजे वह स्वराज भवन पहुंचीं। स्वराज भवन में जहां पर पं.जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की अस्थियां रखी गईं थी, वहां जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वराज भवन स्थित अनाथ आश्रम के बच्चों का हालचाल लिया। चूंकि मुख्य स्नान पर्वों पर संगम क्षेत्र में वीआईपी मूवमेंट की अनुमति नहीं है, इसलिए पहले वह अरैल घाट गईं।
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prayagraj news : स्वराज भवन में पुरखों को श्रद्धांजलि अर्पित करतीं प्रियंका गांधी। - फोटो : prayagraj
फिर नाव से जाकर संगम स्नान और पूजन किया। अरैल घाट और संगम पर वह करीब 50 मिनट तक रहीं। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से भी वार्ता की। साथ में सेल्फी भी ली। अरैल से प्रियंका गांधी सड़क मार्ग से ही मनकामेश्वर मंदिर पहुंचीं और दर्शन के अलावा शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का भी आशीर्वाद लिया। वहां से वह सीधे एयरपोर्ट पहुंचीं और दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट, स्वराज भवन और अरैल घाट पर प्रियंका का स्वागत किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, उनकी बेटी आराधना मिश्रा, राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खाड़े, मकसूद खान, प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक आदि नेता हमेशा साथ-साथ रहे।
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