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प्रयागराजः अमावस्या पर छह ग्रहीय संयोगों के साथ तीसरी डुबकी आज, प्रियंका भी आएंगी संगम

Thu, 11 Feb 2021 01:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : माघ मेला - फोटो : prayagraj
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माघ मेले का तीसरा प्रमुख स्नानपर्व मौनी अमावस्या आज है। इस अवसर पर संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु, स्नानार्थी, कल्पवासी डुबकी लगाएंगे।  ज्योतिर्विदों के अनुसार अमावस्या तिथि का संचरण 10 फरवरी को रात में 12.19 बजे से प्रारंभ होकर 11 फरवरी को रात 11.48  बजे तक रहेगा। ऐसे में स्नान भोर से ही आरंभ हो जाएगा। जानकारी के अनुसार कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम पहुंचेंगीं। 

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स्नान का मुहूर्त बृहस्पतिवार को भोर से लेकर रात तक रहेगा। ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के मुताबिक अबकी मौनी अमावस्या पर छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है जो सभी प्रकार से शुभतादायी है। मकर राशि में शनिदेव स्वग्रही गोचर के साथ शुक्र, बुध, चंद्र, सूर्य सहित देवगुरु बृहस्पति नीचस्थ रहेंगे यह संयोग मौनी के महात्म्य में वृद्धि करने वाला है। इस दिन किया गया दान-पुण्य,हवन यज्ञ अनंत फलदायी है।

बताते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन महोदय महायोग में स्नान-दान का पुण्य अर्जित करने का सौभाग्य मिलता है। श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा और छह अन्य ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिसे विद्वानों ने महोदय महायोग बताया। ऐसी मान्यता है कि महोदय योग में स्नान, दान और पितरों का पूजन करने से पाप का क्षय और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोग से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। इस लोक पर्व को लेकर शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह और मान्यता देखी जाती है। 
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बताते हैं कि संगम तट पर और गंगा में देवताओं का वास रहता है। इससे गंगा स्नान करना ज्यादा फलदायी होता है। ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनने के कारण इसका महत्व को कई गुणा बढ़ गया है। शास्त्रों में मौनी अमावस्या के दिन सुबह से मौन व्रत रखते हुए ध्यान चिंतन आदि करना ज्यादा श्रेयस्कर माना गया है। पूरे साल में 12 अमावस्या होती हैं। इसमें से मौनी अमावस्या का अपना खास महत्व है। इस दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कपड़े, गर्म वस्त्र, कंबल और जूते दान करने का विशेष महत्व है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा नीच का होता है, उन्हें इस दिन दूध, चावल, खीर, मिश्री और बताशा दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

घर में भी त्रिवेणी
अगर किसी तीर्थ स्थल पर जाने में असमर्थ हैं तो आज घर पर ही पानी में त्रिवेणी या गंगाजल मिलकर स्नान करके लाभ उठा सकते है। इस दिन स्नान के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला तथा कम्बल का दान करने से जीवन में सुख समृद्धि बढाती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दिन से द्वापर युग का आरंभ भी माना जाता है।

मौनी अमावस्या पूजा विधि
मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर व्रत रखें। इसके साथ ही व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर में पीले फूल, केसर, चंदन, घी का दीपक और प्रसाद के साथ पूजन करें। इसके बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें। इसके बाद विधि-विधान से आरती करें। इसके बाद विष्णु भगवान को पीले रंग की मीठी चीज से भोग लगाएं।
 

मौनी स्नान को उमड़ी भीड़

माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। बुधवार कोदिन भर स्नान घाटों पर भीड़ जुटी रही। मेले को जाने वाले रास्तों पर लोगों का तांता लगा रहा। प्रशासन ने आठ स्नान घाट बनाए हैं। क्राउड मैनेजमेंट के तहत मेला क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही शाम से ही रोक दी गई।

मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या स्नान के लिए आठ हजार फीट लंबे घाट बनाए गए हैं। घाटों पर फिसलन रोकने के लिए कासा डालाने का काम दिन भर चला पर भीड़ के चलते काम बाधित हुआ। सभी 16 प्रवेश द्वारों पर कोरोना जांच के लिए थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। फॉगिंग के साथ साफ-सफाई की व्यवस्था की जा रही है।

भीड़ ऐसी कि मौनी के लिए बदला प्लान
मौनी स्नान के लिए सिर पर झोला, गठरी लेकर चलने वालों का तांता दिन भर लगा रहा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट का प्लान बदलने का मन बनाया है। इसके तहत मेला क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। 

घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम
आस्था के कारण मौनी स्नान को उमड़े श्रद्धालुओं में कोरोना का खौफ नहीं दिखा। लोग बिना मास्क लगाए और ठसाठस भीड़ में आगे बढ़ते रहे। घाटों पर तो सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखीं।
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मौनी पर प्रियंका पहुंचेंगी संगम

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम पहुंचेगी। प्रशासन ने उन्हें अरैल की तरफ से संगम ले जाने की तैयारी की है। प्रयागराज में वह करीब पांच घंटे रहेंगी। इस दौरान आनंद भवन जाने के अलावा शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से भी उनके मिलने का कार्यक्रम है। इस दौरान वह राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहेंगी लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत उन्होंने यहीं पर गंगा यात्रा से की थी। ऐसे में संगम पर उनके ‘मौन स्नान’ के राजनीति निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं।

प्रियंका गांधी चार्टेड प्लेन से सुबह करीब 10 बजे आएंगी। बमरौली से वह सीधे आनंद भवन आएंगी। यहां दो घंटे रहने के बाद वह संगम के लिए रवाना होंगी। संगम क्षेत्र में उनका दिन में एक से तीन बजे तक रहने का कार्यक्रम है। इस दौरान वह संगम स्नान तथा पूजन करेंगी। प्रोटोकाल में तो इसका जिक्र नहीं है लेकिन उनके शंकराचार्च स्वरूपानंद सरस्वती से भी मिलने की बात कही जा रही है। प्रशासन की ओर इसे ध्यान में रखकर तैयारी भी की गई है।

मुख्य स्नान पर्वों पर मेला क्षेत्र में वीआईपी के आगमन पर रोक है। ऐसे में उन्हें अरैल की तरफ से संगम ले जाने की तैयारी है। अरैल क्षेत्र को पहले से वीआईपी मूवमेंट के लिए तैयार किया गया है। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया का कहना है कि प्रियंका गांधी के आगमन को देखते हुए सभी तैयारियां की गई हैं।
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