प्रयागराज। सोनभद्र के घोरावल में भूमि विवाद में नौ लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में पीड़ित परिवारों से मिने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के बाद यहां कांग्रेसी सड़क पर उतर आए। आनंद भवन के अलावा सुभाष चौराहे पर धरना दिया गया। सरकार विरोधी नारे लगा रहे कुछ कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर हिटलरशाही का आरोप लगाया। कहा कि प्रियंका की गिरफ्तारी से सरकार ने गरीब-दुखियों की आवाज को दबाने की कोशिश की है। ऐसी तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी।
पीड़ितों से मिलने घोरावल जाते समय प्रियंका की बनारस में गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेसियों ने आनंद भवन से सामने धरना दिया और काली पट्टी बांध कर नाराजगी जताई। आनंद भवन गेट पर विरोध -प्रदर्शन करने वालों में किसान कांग्रेस के पूर्व कोआर्डिनेटर सुशील तिवारी, पूर्व विधायक विश्राम दास, प्रेमधर तिवारी, मो इरशाद, संतोष, डॉ सत्या पांडेय, राम किशुन पटेल, नसीम हाशमी, हरिचरण यादव, चमन रावत, राधारमण यादव,कमलेश राय, अरुण मिश्रा, नागेंद्र शुक्ल, देवीदत्त मौर्य, विमलेश तिवारी, गगन राय, राहुल राय,विपुल दुबे शामिल थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनि द्विवेदी, प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी, संतोष मिश्रा, हरिकेश त्रिपाठी, अभिन्न वार्ष्णेय ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर गिरफ्तारी के विरोध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा। प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, कार्यवाहक शहर अध्यक्ष नफीस अनवर, हसीब अहमद, विवेकानंद पाठक, अंशुमान पटेल समेत तमाम नेता कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस लीगल सेल व राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौराहे पर धरना दिया। लीगल सेल के महानगर अध्यक्ष रवींद्र सिंह,हरिश्चंद्र द्विवेदी, हरदेव सिंह, सुरेश यादव, डॉ. महेंद्र पटेल, जावेद उर्फी, जितेंद्र नायक, प्रदीप राय, सुशील द्विवेदी ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इस बीच नारेबाजी कर रहे प्रियंका यूथ फ्रंट के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकुल दीक्षित, विशाल सिंह, रिशु, आदित्य सिंह हंटर,ऋषभ रावत,अमित पांडेय, विनय पाल को सुभाष चौराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पुलिस ने सभी रिहा कर दिया।
प्रियंका की गिरफ्तारी आदिवासियों की आवाज दबाने की कोशिश
प्रयागराज। कांग्रेस के एआईसीसी सदस्य शेखर बहुगुणा ने प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को योगी आदित्यनाथ सरकार की दमनकारी कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि प्रियंका पीड़ितों से मिलकर उनके आंसू पोछने जा रही थीं। ऐसे में उनको गिरफ्तार कर सरकार ने घोरावल के पीड़ित आदिवासियों की आवाज को कुचलने का काम किया है।