प्रयागराज। महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी करने का प्रदेश सरकार को एक और मौका दिया है। यदि अगली सुनवाई पांच अगस्त तक हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को कोर्ट मेें उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव को इस याचिका में पक्षकार बनाने का याची को निर्देश दिया है।
मो. शकील खान की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी सुनवाई कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद विज्ञापन संख्या 46 के क्रम में शिक्षक भर्ती पूरी नहीं की जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार और उच्च शिक्षा निदेशक से जवाब तलब किया था। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय में इस समय नियमित निदेशक का पद रिक्त है। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा कार्यवाहक के रूप में इस पद का काम देख रहे हैं। उन्होंने दो माह का और समय दिए जाने की मांग की।
इसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में इतना समय नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को इस याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए उनको नोटिस जारी किया है और कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होता है तो प्रमुख सचिव कोर्ट में उपस्थित रहें।