प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की हाजिरी जांचने के साथ ही उनकी सूची तैयार करने का काम शुरू हो गया है। शासन के निर्देश पर सीएमओ ने सभी अस्पतालों के प्रभारियों से प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को चिह्नित कर तीन दिन में सूची तलब की है। चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि कोई सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाया गया तो उसके साथ विभागाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेज में भी मंगलवार को ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही।
निजी अस्पतालों और क्लीनिक खोलकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों में खलबली मची है। शासन ने सोमवार को सरकारी डॉक्टरों की हाजिरी जांचने के निर्देश देने के बाद मंगलवार को प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर फिर चाप चढ़ा दी। निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन में निजी प्रैक्टिस करने वालों को चिह्नित कर सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा अवकाश के दिन ही मातहतों को पत्र जारी कर सरकारी ड्यूटी से गायब रहकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की सूची तलब की है।