कहा कि वह पहले भी स्लीपर बस से दिल्ली जा चुके हैं लेकिन किराया 1200 से 1400 रुपये के बीच ही लगता था, लेकिन आज 2800 रुपये देने के बाद ही टिकट मिला। इसी तरह सैदाबाद से प्रयागराज पहुंचे सीपी पटेल भी एक दूसरी एसी स्लीपर बस से दिल्ली रवाना हुए। सीपी पटेल ने बताया कि वह शनिवार की सुबह तत्काल टिकट लेने के लिए जंक्शन आए थे, लेकिन चंद मिनट में ही दिल्ली के टिकट बुक हो जाने की वजह से बस से जाने का कार्यक्रम बनाया।
कहा कि एक एप के माध्यम से स्लीपर बस का टिकट बुक कराया। कहा कि एप में किराया 1350 रुपये दर्शाया जा रहा था लेकिन आज बस संचालक ने 3000 हजार रुपये लिए। सीपी ने बताया कि स्लीपर बस में सफर करने वाले अधिकांश यात्रियों ने 2400 से 3000 हजार रुपये तक का किराया चुकाया। इसी तरह नैनी के अशोक विश्वास ने दिल्ली के लिए शेयरिंग टैक्सी बुक कराई। टैक्सी से उनके साथ कुल तीन लोग रवाना हुए। कहा कि टैक्सी संचालक ने उन्हें गाजियाबाद तक छोड़ने के लिए पांच-पांच हजार रुपये लिए।