प्रयागराज। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के सर्जरी करने की अनुमति के विरोध में निजी एलोपैथिक चिकित्सक इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के बैनर तले शुक्रवार को दिन भर हड़ताल पर रहे। उन्होंने फूलपुर सांसद व राज्यसभा सदस्य से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और उपयुक्त कदम उठाए जाने की मांग की। इसके बाद एएमए के पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय पहुंचकर समर्थन मांगा। उधर, सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
सर्जरी के मुद्दे पर विरोध जताते हुए निजी एलोपैथिक चिकित्सक सुबह छह बजे से हड़ताल पर रहे। क्लीनिकों में मरीज नहीं देखे। कई अस्पतालों की ओपीडी भी बंद नजर आई। कुछ क्लीनिक व अस्पतालों की दीवारों पर ‘आज हड़ताल है’ लिखे पंफलेट चस्पा थे। हालांकि इमरजेंसी और कोविड सेवाओं को बहाल रखा गया था। हड़ताल के कारण केवल ओपीडी में आने वाले मरीजों को ही परेशानी हुई। वे बिना इलाज के लौटे। ओपीडी के बहिष्कार के बाद चिकित्सकों ने एएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला के नेतृत्व में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के कन्वेंशन सेंटर से जागरूकता साइकिल रैली निकाली। इस दौरान उपाध्यक्ष डॉ. सुबोध जैन, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. आशुतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में एलोपैथी चिकित्सकों के समर्थन में डेंटल एसोसिएशन भी सुभाष चौराहे पर अपना विरोध जताया।
दोपहर में एएमए के पदाधिकारी कन्वेंशन सेंटर पर एकत्र हुए। जहां एएमए अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी ने कहा कि एक पैथी की पढ़ाई कर दूसरी पैथी में प्रैक्टिस करने की अनुमति देना सरकार की तरफ से उठाया गया खतरनाक कदम है। जिसका एलोपैथिक चिकित्सक हर संभव तरीके से विरोध करेंगे। इसके बाद दो प्रतिनिधि मंडल बनाया गया। डॉ. आलोक मिश्रा की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल राज्यसभा सदस्य कुंवर रेवती रमण से मिलने गया। जबकि, दूसरा एएमए अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी की अगुवाई में फूलपुर सांसद केशरी देवी पटेल से मिला और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एएमए के पदाधिकारियों के मुताबिक दोनों सांसदों ने उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
इसके बाद एएमए पदाधिकारी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह और फिर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हरिसागर मिश्रा व सचिव राकेश कुमार दुबे से मिले और अपनी मांगों से अवगत कराया। इलेक्ट प्रेसिडेंट डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. कमल सिंह, डॉ. भगवत पांडेय, डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. घनश्याम मिश्रा, डॉ. अरूप बनर्जी, डॉ. जीसी पटेल, डॉ. संतोष सिंह आदि साथ रहे। एएमए अध्यक्ष डॉ. मदनानी ने बताया कि दोनों अधिवक्ता संघों ने उनकी बातों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय, अनिल तिवारी, प्रयाग व्यापार मंडल, प्रयागराज ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी एएमए के आंदोलन का समर्थन किया है। उधर, सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने कामकाज तो पूर्ववत किया पर बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
आयुष चिकित्सकों ने मनाया हर्ष दिवस दिन भर मरीजों का किया निशुल्क उपचार
प्रयागराज। एक तरफ जहां निजी एलोपैथिक चिकित्सकों ने हड़ताल कर विरोध जताया, वहीं आयुष चिकित्सकों ने शुक्रवार को हर्ष दिवस के रूप में मनाया। उन्होंने दिन भर मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया। साथ ही एलोपैथिक चिकित्सकों की ओर से दिए जा रहे तर्कों पर अपना पक्ष रखा।
्दम में आयुष चिकित्सकों ने नीमा अध्यक्ष डॉ. एसके राय की अगुवाई में सिविल लाइंस में सभा भी की। जिसमें डॉ. राय ने कहा कि आयुर्वेद के छात्रों का पाठ्यक्रम लगभग वही है, जो एलोपैथिक विधा से पीजी कर रहे छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में यह कहन गलत है कि आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। जिन आयुर्वेदिक कॉलेजों में एमएस की डिग्री दी जा रही है, उन्हें मॉडर्न मेडिकल साइंस पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक चिकित्सक आम लोगों में झूठा भ्रम न फैलाएं। उन्हें दिक्कत है तो भारत सरकार से आपत्ति दर्ज कराएं।