हाईकोर्ट ने कहा - चयन प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन
हाईकोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के रजनीश कुमार पांडे के मामले में दिए निर्देशों के अनुपालन में हो रही है। लगभग 4900 पदों के लिए पहले संविदा और आउटसोर्सिंग पर वर्तमान में कार्यरत विशेष शिक्षकों के आवेदन पर विचार किया जाना है। उनके चयन के बाद बचने वाले पदों पर सामान्य सीधी भर्ती होगी। कोर्ट ने कहा कि पात्रता चयन प्रक्रिया में प्रवेश की पहली शर्त है। पूर्व में किया गया कार्य या अनुभव तभी देखा जा सकता है, जब अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता पूरी करता हो। सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविदा पर पहले किया गया कार्य अपने आप नियमित नियुक्ति का कानूनी अधिकार नहीं देता।
अंतरिम आदेश से स्थायी अधिकार नहीं
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश के आधार पर याचियों को स्क्रीनिंग में शामिल होने का अवसर मिलने और परिणाम सीलबंद रखे जाने से उन्हें अंतिम नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं मिल गया। कोर्ट ने कहा कि विज्ञापन की शर्त संख्या दो में कोई विधिक या संवैधानिक खामी नहीं है। याची निर्धारित वर्तमान कार्यरत होने की शर्त पूरी नहीं करते, इसलिए वे चयन प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।