रविवार को अगियौना के प्रधान संदीप चौधरी को किसी ने सूचना दी थी कि कंपोजिट विद्यालय की किताबें कबाड़ी को बेच दी गई हैं। इस पर वह ग्रामीणों के साथ कबाड़ी के घर पहुंचे। वहां उन्हें लगभग एक क्विंटल किताबें मिलीं।
सदर ब्लॉक के अगियौना स्थित कंपोजिट विद्यालय में सरकारी किताबें कबाड़ी के हाथ बेचे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बीएसए प्रकाश सिंह ने इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है। साथ ही बीईओ को प्रकरण की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
रविवार को अगियौना के प्रधान संदीप चौधरी को किसी ने सूचना दी थी कि कंपोजिट विद्यालय की किताबें कबाड़ी को बेच दी गई हैं। इस पर वह ग्रामीणों के साथ कबाड़ी के घर पहुंचे। वहां उन्हें लगभग एक क्विंटल किताबें मिलीं। कबाड़ी ने बताया कि पुराने सत्र की इन किताबों को उसने रसोइये श्याम गुजारी से दस रुपये किलो के भाव से खरीदा था।
रसोइये ने बताया कि उसने प्रधानाध्यापिका प्रेमलता के कहने पर किताबें बेची थीं। मामले की जानकारी मिलने के बाद बीएसए प्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्रेमलता को दोषी मानते हुए बीएसए ने सोमवार को उन्हें निलंबित कर दिया। प्रेमलता को प्राथमिक विद्यालय सादिकपुर सेमरहा से संबद्ध कर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रमोहन सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।