सीएम के निर्देश पर जिले के प्रभारी, प्रमुख सचिव कृषि और खाद्य सुरक्षा हिमांशु कुमार ने बुधवार को विकास खंड चाका क्षेत्र में चल रही सरकारी योजनाओं व उनके क्रियान्वयन का सच देखा। एसटीपी के नए प्लांट, पुराने यमुना पुल पर हुई दुर्घटना स्थल के साथ जनपद कारागार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका, ब्लॉक परिसर और तालुका ददरी नौगवां में चल रही योजनाओं का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन कारावास स्थल से निर्माण सामग्री का नमूना सील कराकर जांच को भेजने का निर्देश दिया। अफसरों को समय के भीतर गुणवत्ता के साथ सभी काम पूरे कराने को कहा। कई स्थानों पर काम की सुस्त गति देख नाराजगी भी जताई। उनके निरीक्षण के दौरान अफसरों में हड़कंप मचा रहा। उनके जाने के बाद सभी ने चैन की सांस ली।
शासन ने सभी बीस ब्लॉकों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार को बुधवार को यहां भेजा। उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई में एसटीपी का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की धीमी गति देखकर उन्होंने काम में तेजी लाने का निर्देेश दिया। इसके बाद वह मिर्जापुर रोड पर निर्माणाधीन जनपद कारागार स्थल पर पहुंचे । जहां उन्होंने सीमेंट सहित निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची और निर्माण सामग्री के नमूने सील कर जांच के लिए भेजने को कहा। लोगों ने बताया कि नए परिसर में कई पुराने पेड़ और भवन हैं, जिन्हें अभी तक गिराया नहीं गया।
प्रमुख सचिव ने वहां पेड़ों और भवनों की निलामी जल्द से जल्द काराकर उन्हें गिराने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। यहां से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका पहुंचे हिमांशु कुमार का सीएमओ डॉ.आलोक वर्मा ने उनकी अगवानी की। प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की आपूर्ति जांची और चिकित्सकों की उपस्थिति रजिस्टर देखा। अस्पताल में रखी एक्स-रे मशीन को देखा और मरीजों से मिले। डॉक्टर और दवा के बारे में जानकारी ली। यहां से वह ददरी तालुका के नौगवां गांव पहुंचे । ग्राम सभा में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवास और स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे शौचालयों को देखा। विकासखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। दोपहर बाद अफसरों के साथ शहर की ओर चले गए।
पुराने यमुना पुल पर मंगलवार को हुए हादसे की जांच विशेषज्ञों की तकनीकी समिति करेगी। वहां लटक रहे चैनल और गर्डर को निकालने के बारे में रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा। प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम से हादसे के कारण और घायलों के बारे में जानकारी ली। पुल के नीचे कार्यदायी कंपनी के वकशॉप को भी देखा। निर्देश दिया कि बिना विशेषज्ञों की राय के काम न कराया जाए। हादसे को रोकने के लिए यह जरूरी है। कंपनी के प्रतिनिधियों को भी तलब करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को दौरे पर नैनी आए प्रमुख सचिव के साथ जिले के शीर्ष अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी सुहास एलवाई के दिल्ली चले जाने की वजह से वह निरीक्षण के दौरान नहीं थे। उनके स्थान पर मुख्य विकास अधिकारी सैमुअल पॉल एन पूरे समय उनके साथ थे। इसके अलावा एसडीएम करछना डॉ. राजा गणपति आर भी अवकाश पर होने की वजह से उनके साथ नहीं थे। उनके स्थान पर प्रभारी उपजिलाधिकारी करछना साथ रहे। दोनों के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि, एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी, खंड विकास अधिकारी संदीप तिवारी, क्षेत्राधिकारी करछना अमित कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक धमेंद्र प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी राम उजागर द्विवेदी समेत जिले और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
बुधवार को प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान कहीं भी कोई बड़ी कमी नजर नहीं आई। लोगों में चर्चा रही कि निरीक्षण की जानकारी सभी विभागों को पहले ही हो गई थी। इस लिए सभी पहले से ही सतर्क हो गए थे। यही निरीक्षण पूर्व सूचना के बिना होता तो हालत कुछ और दिखता। ऐसे में निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता ही रही।
बुधवार को प्रमुख सचिव का चाका विकासखंड के ददरी तालुका गांव में चौपाल लगना था। लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब होने और समय न होने की वजह से वे गांव में हुए सिर्फ विकास कार्यों को देखकर ही वापस हो गए। इसके अलावा उन्हें नैनी कोतवाली का भी निरीक्षण करना था। उनके आगमन की तैयारी में दो दिन पहले से ही पूरे थाने की रंगाई पुताई और साफ-सफाई हो रही थी। सुबह से ही पूरा थाना अप-टू-डेट होकर उनका इंतजार करता रहा। लेकिन दोपहर बाद थाने में उनके वापस चले जाने की सूचना आई।
बुधवार को निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां मौजूद मरीजों से डॉक्टरों के आने के बारे में, डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवा लेने की सलाह के बारे में, स्वास्थ्य केंद्र से मिलने वाली दवा के बारे में पूछताछ की। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद मरीजों के बीच चर्चा रही कि काश कोई न कोई अधिकारी रोज आता रहता, जिससे यहां रोज पूरी दवा मिलती रहती। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में साफ सफाई देखकर वे मौजूद लोगों से यह पूछ बैठे कि यहां सफाई रहती है या फिर निरीक्षण की सूचना पर हुई है।