इसमें महाकुंभ के अंतर्गत 2500 करोड़ की 110 परियोजनाएं भी शामिल हैं। लोकार्पण वाली परियोजनाओं की प्रारंभिक सूची भी मेला प्रशासन ने पीएमओ काे भेज दी है। बताते हैं कि इनमें संशोधन का क्रम भी जारी है। यह सूची और बड़ी हो सकती है।
प्रधानमंत्री यहां गंगा पूजन, अक्षयवट, पातालपुरी, बड़े हनुमानजी आदि का दर्शन एवं पूजन कर सकते हैं। इसके बाद परेड मैदान में सभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी देंगे।
एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले संकेतों के आधार पर कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी गई है। पीएम से पहले नवंबर के आखिरी हफ्ते में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम भी संभावित है। तभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की घोषणा होने की उम्मीद है।
10 तक पूरे कर लिए जाएं महाकुंभ के सभी काम : पीएमओ
प्रधानमंत्री के निजी सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में महाकुंभ के सभी कार्यों को 10 दिसंबर तक पूरा कर लेने की बात कही गई। महाकुंभ के लिए शासन की ओर से 2100 करोड़ की मांग केंद्र से की गई है।
मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने पीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में महाकुंभ आयोजन की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। इस पर प्रधानमंत्री के निजी सचिव ने 10 दिसंबर तक मानक के अनुरूप सभी काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में देश-विदेश के मेहमानों को महाकुंभ का निमंत्रण भेजे जाने, विदेश में आयोजन की ब्रांडिंग समेत अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि बैठक में महाकुंभ के सभी कार्यों की समीक्षा की गई। पीएमओ को अब तक की तैयारियों और आगे की योजनाओं के बारे में बताया गया है। 10 दिसंबर तक सभी काम पूरे हो जाएंगे।