पीएम का काफिला कुंभ मेला क्षेत्र में सिक्स रौ की चकर्ड प्लेट वाले मार्ग से होकर गुजरेगा। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने पीएम के रूट वाले मेला क्षेत्र के मार्ग को शुक्रवार को फाइनल चट दे दिया।
रेत की सतहों पर मजबूत क्लैंपिंग कर इस मार्ग को तैयार किया गया, ताकि पीएम के काफिले की गाड़ियां कम हिचकोले खाएं। हरिहर आरती स्थल से संगम नोज तक जाने वाले इस मार्ग पर करीब पांच हजार से अधिक चकर्ड प्लेटें बिछाई गई हैं।
बेनी बांध के नीचे हरिहर गंगा आरती स्थल से संगम नोज तक करीब 2.50 किमी तक पीएम का काफिला रेती पर दौड़ेगा। इसके लिए चकर्ड प्लेट की सिक्स रौ वाली राह बनाई गई है। पीएम का काफिला हरिहर गंगा आरती से मेला क्षेत्र में प्रवेश करेगा।
इसके बाद अक्षयवट मार्ग से होकर नाव मार्ग होते हुए त्रिवेणी पथ से सीधे संगम नोज पहुंचेगा। 20 सेक्टर में फाफामऊ से अरैल तक बसने वाले कुंभ मेला क्षेत्र में अभी चकर्ड प्लेट बिछाने का काम सबसे पिछड़ा हुआ है।
लोहे की प्लेट में होल कटिंग न हो पाने की वजह से अभी चकर्ड प्लेटें सेक्टरवाइज नहीं बिछाई जा सकी हैं, लेकिन पीएम के आगमन वाले रूट पर पीडब्ल्यूडी ने ताकत झोंक दी।
दिन रात लगकर आरती स्थल से संगम नोज तक यह मार्ग पूरा कर लिया गया। जिस चकर्ड प्लेट मार्ग से पीएम का काफिला गुजरेगा, वह संगम क्षेत्र की रेती की सबसे चौड़ी राह होगी।
अखाड़ा परिषद के साथ प्रधानमंत्री करेंगे गंगा पूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को प्रयागराज आगमन पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सदस्यों के साथ कुंभ मेले की कुशलता के लिए गंगा पूजन करेंगे, साथ ही गंगा की आरती भी उतारेंगे।
आरती-पूजन में राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य के अतिरिक्त सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने उक्त आशय की जानकारी दी। कहा, प्रधानमंत्री बडे़ हनुमान जी का दर्शन-पूजन भी कर सकते हैं।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को मेला क्षेत्र और शहर में चल रहे कार्यों के बारे में भी बताया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दिसंबर के अंत तक सभी कार्य पूरे करा दिए जाएंगे।