Priests were prevented from going to Patalpuri due to renewal
अक्षयवट केचलते पातालपुरी जाने से पुजारियों को रोका
पुलिस की सख्ती से किले में स्थित रामजानकी मंदिर में नहीं हो सकी पूजा-आरती
प्रयागराज। पौष पूर्णिमा पर अक्षयवट और सरस्वती कूप को बंद रखने के मेला प्रशासन के निर्णय का असर किले केअंदर स्थित पातालपुरी और रामजानकी मंदिरों पर भी पड़ा। अक्षयवट के सुरक्षा प्रबंधों में लगी पुलिस ने पातालपुरी व रामजानकी मंदिर में पुजारियों तक को प्रवेश नहीं दिया। इस वजह से रामजानकी मंदिर में पूजा, आरती नहीं हो सकी। भगवान को भोग तक नहीं लगाया जा सका। जबकि, पातालपुरी में पुजारी किले के मुख्य द्वार से पहुंचे और पूजा की रस्मअदायगी की गई।
अकबर के किले में स्थित मूल अक्षयवट व सरस्वती कूप में शुक्रवार को आम श्रद्धालु नहीं जा सके। इस दौरान किला परिसर केपातालपुरी और रामजानकी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के साथ ही पुजारियों को भी नहीं जाने दिया गया। रामजानकी मंदिर के पुजारी कविनाथ योगेश्वर ने बताया कि पुलिस ने पुजारियों की एक नही ंसुनी और रास्ता नहीं खोला गया। इस वजह से भगवान की आरती, पूजा नहीं हो सकी। भोग नहीं लगाया जा सका। पातालपुरी केप्रधान पुजारी योगी रवींद्र नाथ योगेश्वर ने बताया कि वह किले के मुख्य द्वार से होकर मंदिर पहुंच सके।