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वाइस प्रिंसिपल लेसली के खिलाफ मुकदमे की जांच पर रोक

Sat, 24 Jun 2017 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सेंट जोसेफ स्कूल एंड कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल लेसली कुटीनो के खिलाफ छात्र की पिटाई के मामले में दर्ज मुकदमे की जांच पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले के जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वाइस प्रिंसिपल का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए और न ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा। कोर्ट ने कहा है कि घायल छात्र के इलाज पर आने वाला पूरा खर्च कॉलेज देगा और जब तक छात्र पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता है, इलाज का खर्च देता रहेगा। कोर्ट ने वाइस प्रिंसिपल सहित कॉलेज के सभी अध्यापकों को निर्देश दिया है कि वह हाथ में डंडा या छड़ी लेकर कॉलेज में नहीं घूमेंगे और न ही किसी छात्र को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करेंगे।  
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वाइस प्रिंसिपल की आपराधिक याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने यह आदेश दिया। इससे पूर्व कोर्ट ने मुकदमे की वादी घायल छात्र की मां से इस मामले को आपसी सुलह से निस्तारित करने का प्रस्ताव दिया था। कोर्ट ने इसके लिए वादी को दो बार अवसर भी दिया तथा कहा कि छात्र के भविष्य और हित को देखते हुए वह समझौते के पहलू पर विचार करें। मगर वादी की ओर से और दो सप्ताह का समय दिए जाने की मांग की गई। कहा गया कि घायल का इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा है। 24 जून को उसका ऑपरेशन होना है। इसके बाद ही पता चलेगा कि उसकी आंख के ठीक होने की कितनी गुंजाइश है। इस पर कोर्ट ने मुकदमे की अग्रिम जांच पर रोक लगा दी। कोर्ट का मानना था कि छात्र को पहुंची चोट दुर्घटनावश है और इसके पीछे याची का जानबूझकर चोट पहुंचाने का इरादा नहीं था। दर्ज प्राथमिकी में भी किसी उद्देश्य से चोट पहुंचाने का जिक्र नहीं है।

इससे पूर्व हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ ने लेसली की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उनको जांच में सहयोग का निर्देश दिया था। लेसली के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में छात्र की मां ने अंगभंग करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। नौ मई को कालेज में प्रार्थना के समय वाइस प्रिंसिपल की छड़ी से छात्र की आंख में गंभीर चोट पहुंची थी।
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मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने फैसले में कहा है कि हमने वादी मुकदमा को समझौते से मामला तय करने कई मौका दिया है। आज भी इसके लिए तिथि नियत की गई थी, मगर उनके वकील ने समझौते पर विचार करने के लिए दो सप्ताह का और समय मांगा है। छात्र का 24 जून को ऑपरेशन होना है। याची पर किसी इरादे से छात्र को चोट पहुंचाने का आरोप नहीं है। उसने इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। आंख पूरी तरह से ठीक होने की संभावना है। छात्र और वाइस प्रिंसिपल के रिश्ते को ध्यान में रखते हुए आगे जांच जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। वाइस प्रिंसिपल ने इस मामले में लापरवाही की है। उनको हाथ में छड़ी लेकर नहीं चलना चाहिए। छात्र जब तक ठीक न हो जाए वह इलाज का पूरा खर्च उठाएं। 
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