हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में पेपर आउट होने के आरोप लगे थे, जिसकी वजह से आयोग ने अब तक इन दोनों विषयों के रिजल्ट घोषित नहीं किए हैं, जबकि सबसे अधिक पद इन्हीं विषयों के हैं। हिंदी में एलटी ग्रेड शिक्षक के 1433 और सामाजिक विज्ञान में 1854 पद हैं। आयोग की ओर से बाकी 13 विषयों के अंतिम चयन परिणाम जारी किए जा चुके हैं और इनमें से चार विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति भी शासन को भेजी जा चुकी है।
पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है और इसी वजह से हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय के परिणाम को लेकर निर्णय अटका हुआ है। माना जा रहा है कि इसी विवाद के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुिक्त फंस गई है। अभ्यर्थी असमंजस में हैं और उन्हें अपने भविष्य पर संकट मंडराता नजर आ रहा है। यूपीपीएससी में कई दिनों बाद 20 अप्रैल से कामकाज शुरू हो गया है।
ऐसे में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी सक्रिय हो गए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लगातार ट्वीट कर रिजल्ट की मांग की जा रही है। एलटी समर्थक मोर्चा के विक्की खान और अनिल उपाध्याय का कहना है कि आयोग के खुलने के बाद एलटी ग्रेड के रिजल्ट पर काम शुरू होना चाहिए। दोनों ने आयोग के अध्यक्ष से बुधवार को मिलने के लिए समय मांगा है, ताकि लंबित परिणाम और चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग के मसले पर बात की जा सके।