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राष्ट्रपति ने किया संबोधित, बोले- कुंभ आस्था का चुंबक है, यह पूरे विश्व के लिए अनूठा कार्यक्रम

Thu, 17 Jan 2019 10:32 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज के कुंभ मेले में राष्ट्रपति पहुंच गए हैं।  वह संगम नोज पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 

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राष्ट्रपति सुबह 09.35 बजे पर बम्हरौली एयरपोर्ट पर पहुंचें। वहां से हेलीकाफ्टर द्वारा अरैल स्थित डीपीएस हैलीपेड पर आएं फिर, वहां से सड़क मार्ग से दिन के 10.20 बजे  संगम नोज पहुंचें। यहां वह गंगा पूजा में उन्हें हिस्सा लेना है। दिन के11.06 बजे तक गंगा पूजा करेंगे। यहां गंगा पूजा करने के बाद राष्ट्रपति दिन के 11.20 बजे अरैल क्षेत्र में स्थित परमार्थ निकेतन के शिविर में पहुंचेंगे, जहां विश्व शांति यज्ञ में प्रथम आहुति उनके हाथों डाली जाएगी।

इसके बाद राष्ट्रपति पी लो पानी मशीन तथा टायलेट पार्क का उद्घाटन करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति दोपहर 12.15 बजे तक गांधी फार नाऊ, गांधी फार यूथ सम्मेलन का भी उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति इसके बाद 12.40 बजे अरैल क्षेत्र से प्रस्थान कर डीपीएस हैलीपेड से प्रयागराज एयरपोर्ट पर आएंगे तथा वहां से रवाना होंगे। 
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राष्ट्रपति गंगा पूजन कर अरैल में परमार्थ निकेतन के लिए रवाना। वहां विश्वशांति यज्ञ में हिस्सा लेंगे। मौके पर सीएम योगी, राज्यपाल रामनाईक और कई मंत्री उपस्थित रहे। राष्ट्रपति सीएम योगी और राज्यपाल के साथ संगम नोज पर भ्रमण किया। इसके बाद पूजा अर्चना शुरु की। संतों ने एक सुर में मंत्रोच्चारण किया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संगम के किनारे पूजा पाठ करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल के साथ अरैल जाने के लिए रवाना हो गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अरैल पहुंच गए है। यहां उन्होंने गांधियन कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया उसके बाद राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद ने महिलाओं के बीच साड़ी वितरण किया...

स्वामी अच्युतानंद जी महाराज मंच से लोगों को संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन में सबसे पहले उन्होंने राष्ट्रपति, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह, मंत्री नंद गोपाल नंदी, मंत्री सुरेश खन्ना, मेयर अभिलाषा गुप्ता और मंच पर विराजमान सभी आचार्य महामंडलेश्वरों का अभिवादन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि,  1953 में पहली बार कुंभ मेले में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद आए थे। आज फिर वह ऐतिहासिक क्षण सामने आया है जब हमारे बीच देश के राष्ट्रपति आए है। 

उन्होंने कहा कि, संगम के तट पर संगम खुद चल कर आया है। उत्तर प्रदेश में योगी को सीएम बनाकर पीएम ने हमलोगों को गौरवान्वित किया है। गांधियन विचारों से देश को एक नई दिशा मिलेगी।

सीएम योगी ने कहा कि 450 साल बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन हुए। यह आजादी के बाद का पहला कुंभ है जब गंगा के प्रवाह में कोई रूकावट नहीं हो रही है। गंगा में पानी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इसके लिए स्वामी अच्युतानंद का आभार जताया। गंगा में गिरने वाले सभी नालों को बंद किया गया है। हमने इसके लिए बायो रेमिडेशन की पद्धती अपनाई है।

अब मंच से राष्ट्रपति लोगों को संबोधित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पहले वहां मौजूद सभी लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष को इस कार्यक्रम के लिए विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मोक्षदायिनी गंगा को पार करने में कई जन्म लग जाते हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मुझे इस मोक्षदायिनी गंगा को पार करने में सवा घंटे ही लगे। उन्होंने गांधियन कांफ्रेंस के कार्यक्रम में देर से आने के लिए लोगों से माफी भी मांगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि, मैंने मीडिया के माध्यम से जाना है कि पहले शाही स्नान के दिन देश-विदेशों के अलावा देवी-देवता भी यहां आते हैं। उन्होंने कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा विदेशों से आने वाले साइबेरियन पक्षियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, आज हम संकल्प लें और बापू के स्वच्छताग्रही मिशन को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। गांधी जी के मन में स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने की पीड़ा थी। वह हमेशा स्वच्छता को लेकर चिंतित रहते थे। स्वच्छता की कसौटी शौचालय में मिलती है। स्वच्छता का संबंध हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। हम स्वस्थ्य रहेंगे तो हमारा परिवार स्वस्थ्य रहेगा और परिवार स्वस्थ्य रहेगा तो गांव स्वस्थ्य रहेगा। इसी तरह स्वस्थ्ता का क्रम बढ़ता रहेगा।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने लोगों से कुंभ में आने की अपील की साथ ही उन्हें शुभकामनाएं दी।
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राष्ट्रपति की सुरक्षा को चाक-चौबंद इतंजाम

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौंबद इंतजाम किए गए हैं। तीन आईपीएस रैंक के स्थानीय पुलिस अधिकारी पूरी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक कुंभ एवं प्रयागराज पुलिस के कुल आठ एसपी, 16 एएसपी, 30 डिप्टी एसपी तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति बमरौली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वहां से सीधे अरैल वायु मार्ग से पहुंचेंगे।

वहां से वह परमार्थ निकेतन के शिविर में जाएंगे। राष्ट्रपति के आगमन के दौरान इस पूरे रास्ते को सील कर दिया जाएगा। पूरे रास्ते के चप्पे-चप्पे की निगाहबानी पुलिसकर्मी करेंगे। इसके लिए दो हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एसएसपी नितिन तिवारी ने कुंभ पुलिस के साथ बैठक करके राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान वैकल्पिक रूट को लेकर भी पुलिस अधिकारियों ने गहनता से विचार-विर्मश किया।

वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश को कुछ समय तक के लिए प्रतिबंधित किया गया है। कुंभ पुलिस के मुताबिक राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र की ओर आने वाले वाहनों को सिर्फ निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा करना होगा। मेला कार्यों से जुड़े वाहनों के अलावा दूसरे वाहनों की सुबह आठ से राष्ट्रपति के जाने तक मेले के भीतर जाने की मनाही रहेगी। भीड़ को नियंत्रित रखने केलिए पुल नंबर 1, 2, 3, 4, 18 एवं 19 को सुबह नौ बजे से राष्ट्रपति के जाने तक बंद रखे जाएंगे।

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