मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अस्पतालों के लिए भले ही कुछ मांगने की हिम्मत प्रबंधन न जुटा सके, लेकिन कोई खामी न दिखे इसके प्रयास शनिवार को भी देर रात तक किए जाते रहे। मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन, एसआरएन, एमडीआई के साथ बेली, कॉल्विन और डफरिन अस्पतालों में हर कोना साफ कर चकाचक किया गया। वार्डों में लगे बिस्तरों की फटी, गंदी चादरें भी बदली गईं। एसआरएन में तो बंद पड़ी कई मशीनों को इंजीनियर बुलाकर दुरुस्त कराया गया। वहीं सभी अस्पतालों में सीएम के लखनऊ रवाना होने तक ओपीडी में मरीज देखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकारी अस्पतालों में अवकाश के दिन दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में मरीज देखे जाते हैं। सीएम का किसी भी अस्पताल का निरीक्षण करने की खबर से प्रशासनिक अफसरों और अस्पतालों के प्रबंधन से जुड़े चिकित्सकों में खलबली मची है। देर रात कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का काम चलता रहा। अरसे से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड , पल्स आक्सोमीटर, बीपी जैसी मशीनें इंजीनियरों को बुलाकर दुरुस्त कराई गईं।