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माफिया को फिर करोड़ों की चोट की तैयारी में योगी सरकार, मकान ध्वस्तीकरण में हुए खर्च की होगी वसूली

Sun, 21 Feb 2021 01:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : पीडीए - फोटो : prayagraj
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जिले में माफिया व उनकेगुर्गों को फिर करोड़ों की चोट जल्द ही लगेगी। अवैध रूप से बने उनकेआशियानों को ढहाए जाने में आए लाखों रुपये खर्च की वसूली भी उनसे ही की जाएगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण केसाथ ही पुलिस व अन्य विभागों ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अफसरों का कहना है कि जिला प्रशासन केमाध्यम से आरसी जारी कराकर वसूली की जाएगी।

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माफिया के खिलाफ पिछले दिनों ताबड़तोड़ अभियान चलाया गया। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट केतहत उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया। उधर पीडीए ने बुलडोजर चलवाकर अवैध रूप से निर्मित उनके महलनुमा आशियानों को जमीदोंज करा दिया। पीडीए की ओर से ऐसी 50 से अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। इसमें अतीक अहमद, आबिद, जुल्फिकार उर्फ तोता, अकबर, आशिक उर्फ मल्ली आदि के साथ ही चिह्नित माफिया दिलीप मिश्रा, बच्चा पासी, राजेश यादव व कई अन्य शामिल हैं।

पूर्व सांसद अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई में न सिर्फ भारी पुुलिस बल व पीडीए के कर्मचारी लगे, बल्कि विभागीय संसाधनों का भी प्रयोग हुआ जिसमें लाखों रुपये खर्च हुए। इस खर्च की वसूली अब संबंधित से करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पीडीए की ओर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई में आए समस्त खर्चों की गणना शुरू करा दी गई है। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने भी ब्योरा उपलब्ध कराने का काम शुरू करा दिया है। खर्च का सही आंकड़ा मिलने के बाद उसकी वसूली केलिए नोटिस जारी किया जाएगा।

नियमावली में प्रावधान है कि अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई में आए खर्च की वसूली संबंधित से की जाए। ऐसे में ध्वस्तीकरण में हुए खर्च की गणना कराई जा रही है। संबंधितों को नोटिस जारी किया जाएगा। - आलोक पांडेय, विशेष कार्याधिकारी, पीडीए
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prayagraj news : अतीक अहमद के करीबी लुकमान का मकान ढहाता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj
...तो भी एक करोड़ से ज्यादा की वसूली
सूत्रों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में लाखों रुपये का खर्च आया है। अलग-अलग जगह हुई कार्रवाई में लगे कर्मचारियों की संख्या व प्रयुक्त संसाधनों की संख्या अलग-अलग है। जिनका सही आंकड़ा गणना के बाद ही मिल सकता है। लेकिन औसतन दो लाख रुपये भी मान लिया जाए तो 50 से ज्यादा कार्रवाई में एक करोड़ रुपये केआसपास का खर्च आता है। ऐसे में माफिया को फिर करोड़ों की चोट लगना तय है।
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