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बीमारियों से लड़ने को रखनी होंगी तैयारियां

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के. बनर्जी (केबीसीएओएस) एवं स्टूडेंट फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमनिटी के संयुक्त तत्वाधान में ‘इमर्जिंग सिनारियोज रिलेटेड टू जोनेसेस इन ए वार्मिंग एनवायर्नमेंट’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सुब्बया क्षणनुगम ने शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को विषय के बारे में जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि किस प्रकार बीमारियों से लडने के लिए हमें आगे भी तैयारी रखनी होगी। उन्होंने शोधार्थियों को इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। क्लाइमेट चेंज एवं स्ट्रेटजिक मिशन के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश गुप्त ने भारत सरकार के विभिन्न प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी। पद्मश्री एवं पद्म विभूषण अनिल प्रकाश जोशी ने ग्रामीण विकास की परंपरा पर जोर दिया और आगाह किया कि अगर हम प्रकृति का दोहन करेंगे एवं अपने को श्रेष्ठ मानते हुए पर्यावरण को क्षति पहुंचाएंगे तो भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। वेनिबार का संयोजन शोध छात्र कार्य काशी प्रांत के संयोजक डॉ. जितेंद्र शुक्ल ने किया। इससे पूर्व सभी ने भारत-चीन बॉर्डर पर शहीए हुए सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वेबिनार में बताया बोरेंस क्लस्टर्स का महत्व
सीएमपी डिग्री कॉलेज के रसायन विभाग विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में बीएचयू के प्रो. केके उपाध्याय ने बोरेंस क्लस्टर्स की उपयोग पर प्रकाश डला और बताया कि इसका उपयोग ड्रग डिलेवरी, बांडिंग क्षेत्र में हो रहा है। वेबिनार में देश-विदेश से तकरीबन पांच सौ प्रोफेसरों एवं शोधार्थियों ने भागीदारी की। डॉ. विशाल श्रीवास्तव एवं डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत और डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कन्या में शुरू हुई सात दिवसीय कार्यशाला
आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में ‘रिसर्च मेथेडोलॉजी इन सोशल साइंसेज’ विषय पर शनिवार से सात दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने शाोध के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। इविवि के शिक्षाशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव समेत प्रो. यूसी वशिष्ठ, प्रो. एसएन चौधरी आदि ने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्राचार्य डॉ. रमा सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. श्रुति आनंद, सह संचालन डॉ. स्मिता एवं राधा रानी सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मधुरिमा वर्मा ने किया। इसमें डॉ. रंजना त्रिपाठी, डॉ. ममता गुप्ता, डॉ. अंजू श्रीवास्तव आदि शामिल रहीं।
विवि में प्रवेश के लिए 63 हजार आवेदन
इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए शनिवार शाम तक 135797 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और इनमें से 63100 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली। स्नातक में प्रवेश के लिए 64258 एवं 36476, परास्नातक के लिए 29060 एवं 9311, आईपीएसी के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 15301 एवं 978, बीएएलएलबी के लिए 7421 एवं 4270, एलएलबी के लिए 12009 एवं 6991, बीएड के लिए 3476 एवं 2158, एमएड के लिए 794 एवं 482, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 1127 एवं 659 और एलएलएम के लिए 2351 एवं 1775 क्रमश: रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हुए।
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