कांवड़ियों के स्वागत की शुरू हुई तैयारी, कुंभ जैसी होगी सफाई
डीएम ने बैठक में अफसरों की तय की जिम्मेदारी, मार्गों-शिव मंदिरों की मांगी सूची
बिजली-पानी समेत अन्य व्यवस्था की समीक्षा की, अनुपस्थित इंजीनियर स्पष्टीकरण तलब
प्रयागराज। कांवड़ियों के स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है। पूरे मार्ग, मंदिरों तथा घाटों पर कुंभ जैसी सफाई व्यवस्था होगी। सावन महीने में होने वाले आयोजनों के मद्देनजर डीएम ने सोमवार को बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। साथ में अफसरों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने कांवड़ियों वाले मार्गों, घाटों तथा शिव मंदिरों की सूची भी मांगी है। बैठक में अनुपस्थित रहने पर पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड-3 से स्पष्टीकरण भी तलब किया।
सावन मास 17 जुलाई शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल से शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। रोजाना हजारों की संख्या में कांवड़िए वाराणसी जाते हैं। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने बैठक में हर पहलू से तैयारी की समीक्षा की। उनका सफाई पर विशेष जोर रहा। निर्देश दिया कि कांवड़ियों के मार्ग, घाटों तथा मंदिरों में सफाई की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। भंडारा वाले स्थानों पर सफाई के भी विशेष इंतजाम हों। इसके लिए अलग-अलग अफसरों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने दशाश्वमेध एवं संगम तट पर बेरिकेडिंग, बिजली आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। डीएम ने निर्देश दिया कि बिजली के तार कहीं लटके न रहें इसके लिए पूरे मार्ग तथा आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर लिया जाए। बिजली विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे ड्यूटी लगाने का भी निर्देश दिया। ताकि, किसी तरह की गड़बड़ी तत्काल ठीक कर ली जाए। श्रावण मास के दौरान विविध आयोजन होते हैं। इसी दौरान बकरीद भी है। इसे ध्यान में रखकर सभी पक्षों के साथ बैठक का निर्णय लिया गया। पीस कमेटी की भी लगातार बैठकें हाेंगी। ताकि, आयोजन के दौरान सौहार्द बना रहे। डीएम ने थानों में पर्याप्त फोर्स की व्यवस्था का भी निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ अरविंद सिंह समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
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पॉलिथीन का उपयोग रहेगा प्रतिबंधित
श्रावण के दौरान होने वाले आयोजनों में पॉलिथीन का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। डीएम ने इस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।