प्रयागराज से बरेली, लखनऊ एवं गाजियाबाद के हिंडन के लिए सीधी उड़ान की तैयारी की गई है। यह उड़ान शुरू होने के बाद महज एक घंटे में ही प्रयागराज से बरेली एवं हिंडन का सफर हो जाएगा, जबकि लखनऊ महज 30 से 45 मिनट में ही पहुंच जाएंगे। इस संबंध में बृहस्पतिवार को सूबे के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने विभागीय समीक्षा बैठक में अफसरों को दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रीजनल कनेक्टिवटी स्कीम के तहत प्रदेश के ऐसे शहर जहां एयरपोर्ट की सुविधा है, वहां से अन्य मार्गों पर भी हवाई उड़ान शुरू की जाए।
बैठक में प्रयागराज एयरपोर्ट के विकास एवं यहां से उड़ान बढ़ाने पर कैबिनेट मंत्री का ज्यादा ध्यान रहा। प्रयागराज एयरपोर्ट पर ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के लिए 1.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। विशेष सचिव एवं निदेशक नागरिक उड्डयन विभाग सुरेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रयागराज के साथ लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, हिंडन एयरपोर्ट की प्रगति एवं अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में नंदी ने प्रयागराज से हिंडन, लखनऊ एवं बरेली के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने को कहा।
कहा कि इस संबंध में एयरलाइंस कंपनियों एवं डीजीसीए के अफसरों के साथ वार्ता की जाएगी। बैठक में वाराणसी एयरपोर्ट को रीजलन कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) से जोड़ने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने बताया कि आरसीएस में चयनित अलीगढ़, आजमगढ़, श्रावस्ती तथा मुरादाबाद एयरपोर्ट का नो फ्री एयरपोर्ट के रूप में विकास कार्य राज्य सरकार द्वारा कराया जा रहा है। अधिकारियों से कहा गया कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट को लोगों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जाए। इसके अलावा छोटे व उपयोगी शहरों के लिए हवाई उड़ान शुरू करने की प्लानिंग की जाए।