शहर के अधिकांश स्कूलों में कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। बंद चल रहे स्कूलों ने बच्चों के घर बैठे यूनिट टेस्ट, फर्स्ट एवं सेकेंड टर्म की ऑनलाइन परीक्षाएं कराई गईं। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान आने वाली विसंगति से परेशान होकर शहर के अधिकांश स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने तय किया है कि 10 वीं एवं 12 वीं के बोर्ड परीक्षार्थी स्कूल आकर ऑफलाइन परीक्षा देंगे। जिससे उनका सही तरीके से मूल्यांकन हो सके। स्कूलों ने तय किया है कि दो प्री बोर्ड कराने के बाद यदि कोई छात्र परीक्षा में फेल होता है तो उनके लिए स्पेशल कक्षाएं चलाई जाएंगी।
यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। स्कूलों की ओर से ऑफलाइन ही प्री बोर्ड के लिए कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। स्कूलों की ओर से इस बार सभी परीक्षाएं ऑनलाइन कराई गई हैं, ऐसे में स्कूल बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
गंगागुरुकुलम की प्रधानाचार्या अल्पना डे ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे बच्चों की तैयारी उनकी परीक्षा को ध्यान में कराई जाती है। बच्चों के क्लास टेस्ट के साथ विषयवार अध्यापक अपने हिसाब से बच्चों का मूल्यांकन करते रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों का सही मूल्यांकन नहीं हो सका है। 19 अक्तूबर के बाद से बच्चे स्कूल आना शुरू किए हैं।
स्कूल आने के बाद हमारे शिक्षक बच्चों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं को पूरा करने और उनकी समस्याओं के निवारण में लगे हैं। बेथनी कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर शिल्पा का कहना है कि प्री-बोर्ड के जरिए हम बच्चों का सही आकलन कर सकेंगे। सीबीएसई, आईसीएसई एवं यूपी बोर्ड के कई स्कूलों ने छात्रों को तीन समूहों में बांटकर पढ़ाई शुरू की गई है। सबसे बेहतर, बेहतर और कमजोर छात्रों को अलग-अलग वर्ग में रखा गया है। जो छात्र कमजोर है, उनका विशेष ध्यान रख रहे हैं।
अगले महीने से शुरू होगा प्री बोर्ड
शहर के सीबीएसई, आईसीएसई एवं यूपी बोर्ड से जुडे अधिकांश स्कूलों ने तय किया है कि दो बार प्री-बोर्ड लिया जाएगा। पहला प्री बोर्ड दिसंबर जबकि दूसरा जनवरी में होगा। पहले प्री-बोर्ड में कम नंबर आने की स्थिति में छात्रों की 20 दिन की स्पेशल कक्षाएं चलाई जाएंगी। स्पेशल कक्षाओं के बाद दूसरा प्री-बोर्ड होगा। इससे छात्रों में सुधार किया जा सकेगा।