बहरिया थाना क्षेत्र के चिंतामणि पुर निवासी संदीप शर्मा अधिवक्ता हैं। दो जून को किसी से भूमि को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी मामले में पुलिस ने संदीप के घर की महिलाओं को थाने बुलाया और लगभग कई घंटे तक अवैध रूप से थाने में बैठने को मजबूर किया।
अधिवक्ता के घर की महिलाओं को अवैध रूप से कई घंटे तक थाने में बैठाना बहरिया पुलिस को महंगा पड़ गया। मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो एसएसपी ने चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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बहरिया थाना क्षेत्र के चिंतामणि पुर निवासी संदीप शर्मा अधिवक्ता हैं। दो जून को किसी से भूमि को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी मामले में पुलिस ने संदीप के घर की महिलाओं को थाने बुलाया और लगभग कई घंटे तक अवैध रूप से थाने में बैठने को मजबूर किया। इसकी शिकायत एसएसपी से उसी दिन की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बाद में संदीप शर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर बहरिया पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। न्यायालय ने आरोपों को गंभीरता से देखते हुए एसएसपी को निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। एसएसपी अजय कुमार ने मामले की जांच एसपी यमुनापार से कराई।
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दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज सिकंदरा हीरालाल, चौकी में तैनात एसआई आकाश यादव एवं महिला आरक्षी प्रवेश कुमारी को लाइन हाजिर कर दिया। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय में 27 जून तिथि निश्चित की गई थी। एसएसपी ने आज ही जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की।