बीते एक सप्ताह के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर 11 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आ चुकी हैं। इनके माध्यम से अब तक दस हजार से ज्यादा श्रमिक प्रयागराज आ चुके हैं। यहां आने के बाद काफी संख्या में श्रमिक रोडवेज बसों से प्रदेश के अन्य शहरों के लिए रवाना भी हुए। रविवार की सुबह 9.10 बजे प्रयागराज जंक्शन पर करनूल सिटी से 24 कोच की ट्रेन पहुंची। इससे यहां 1248 यात्री उतरे। इन यात्रियों को जंक्शन के बाहर मौजूद 42 बसों से विभिन्न स्थानों के लिए रवाना किया गया।
इस ट्रेन से आए कामगारों ने बताया कि उन्हें वहां स्थानीय प्रशासन की ओर से 715 रुपये का टिकट दिया गया। लेकिन, इसकी एवज में उनसे पैसे नहीं लिए गए। ट्रेन से आए सैफुद्दीन, जाहिरा, अब्बास अली, राम आसरे आदि ने बताया कि अन्य राज्यों से चल रही ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से किराया लेने की बात सामने आई थी। इस वजह से हमने किराये के लिए पैसों का इंतजाम किया, लेकिन स्टेशन पहुंचने पर टिकट दे दिया गया लेकिन इसके लिए भुगतान नहीं लिया गया। इससे बड़ी राहत मिली।
वहीं दिन में 12.55 बजे आई नवसारी स्पेशल और शाम 6.20 बजे आई सूरत स्पेशल के यात्रियों ने किराया देने की बात कही। नवसारी स्पेशल से आए राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रयागराज तक आने के लिए प्रति व्यक्ति 595 रुपये का टिकट लगा। उधर, सूरत से आई ट्रेन के यात्रियों ने बतौर किराया 590 रुपये देने की बात कही। हालांकि कई यात्रियों ने टिकट मूल्य पर अंकित किराये से ज्यादा देने की भी बात कही। नवसारी स्पेशल से 1151 मुसाफिर आए, जिन्हें 37 बसों से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया जबकि सूरत स्पेशल से यहां1200 यात्री पहुंचे।
चिकित्सीय परीक्षण के बाद ही बिठाए गए बसों में
तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने के बाद मुसाफिरों को कतारबद्ध करके यात्री आश्रय स्थल तक लाया गया। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए उनको एक घेरे में बिठाया और फिर उनका चिकित्सीय परीक्षण भी करवाया गया।