रिकाॅर्ड जीत के बाद भी नहीं मिली मंत्रीमंडल में जगह
2019 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट से भाजपा की डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने एक लाख 84 हजार से अधिक मतों के अंतर से सपा के राजेंद्र सिंह पटेल को हराया था। यह अमिताभ बच्चन के बाद दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। इसके अलावा डॉ. रीता इससे पहले प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री थीं। ऐसे में मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रीमंडल में इन्हें जगह मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला।
इनके अलावा फूलपुर सीट पर भी भाजपा की केशरी देवी पटेल ने एक लाख 71 हजार से अधिक मतों के अंतर से रिकाॅर्ड जीत हासिल की लेकिन इन्हें भी मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिली। अब भाजपा तथा इंडी गठबंधन ने यहां की दोनों सीटों से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा 2024 चुनाव के बाद संगमनगरी के लोगों का 20 वर्षों का यह इंतजार खत्म होगा या नहीं।
प्रदेश में उपमुख्यमंत्री और मंत्री, लेकिन केंद्र में नहीं
प्रदेश सरकार में प्रयागराज के नेताओं की बड़ी हिस्सेदारी है। 2014 में फूलपुर से सांसद चुने गए केशव प्रसाद मौर्य भाजपा में बड़े नेता के रूप में स्थापित हो चुके थे। ऐसे में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने की संभावना थी लेकिन जगह नहीं मिली। खास यह कि 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर वह उप मुख्यमंत्री बनाए गए लेकिन इससे पहले केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिल पाई। केशव अब भी उप मुख्यमंत्री हैं। इनके अलावा नंद गोपाल गुप्ता भी प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। शहर पश्चिम से विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह भी 2017 की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे।