प्रयागराज में उमस ने किया परेशान।
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देर रात बारिश के बाद शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। शाम के समय तेज हवाएं चलीं, बिजली चमकी, मगर बारिश की चंद बूंदें ही पड़ीं। ऐसे में बारिश की आस लगाए बैठे लोगों का निराशा हुई। हालांकि इस बीच तापमान में बुधवार की अपेक्षा दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। मगर उमस का प्रभाव पिछले दिनों की अपेक्षा कम रहा। इससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने आठ जुलाई तक बारिश के आसार जताए हैं। तीन व चार जुलाई को हल्की बूंदा-बांदी, जबकि पांच, छह, सात व आठ जुलाई को तेज बारिश का अनुमान है।
ऐसे में अधिकतम तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगर बारिश होती है तो आर्द्रता में आठ से 10 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग ने जुलाई में सामान्य की अपेक्षा 20 फीसदी कम बारिश की आशंका जताई है। इसके पीछे अलनीनो का प्रभाव बताया जा रहा है। यह हर चार साल में देखने को मिलता है।
जानिए अलनीनो के बारे में
अलनीनो प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि की घटना है। यह भारतीय मानसून को कमजोर करने के लिए जाना जाता है। कम बारिश के कारण भूजल स्तर में गिरावट आ सकती है। इससे पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों को अपनी फसलों के लिए वैकल्पिक सिंचाई के तरीकों पर विचार करना होगा।
अलनीनो का फसल पर प्रभाव
कम बारिश और गर्मी दोनों मिलकर धान और मक्के की उपज को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। दालों और तिलहनों की बुवाई भी प्रभावित होगी। सोयाबीन और मूंगफली का रकबा काफी घट सकता है।