करेली का पार्षद फजल अटाला बवाल मामले में नामजद आरोपी है। उसे खुल्दाबाद थाने में दर्ज मामले में आरोपी बनाया गया है। घटना वाले दिन करेली स्थित उसके घर पर पहुंचकर पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह पुलिसकर्मियों को झांसा देकर निकल भागा था।
अटाला बवाल मामले में फरार चल रहा करेली का पार्षद फजल दूसरी बार पुलिस को चकमा दे गया। मंगलवार को वह एसओजी की टीम को गच्चा देकर निकल भागा। एसओजी की तीन टीमें उसे पकड़ने के लिए करेली में पहुंची थीं लेकिन वह हाथ नहीं आया।
विज्ञापन
करेली का पार्षद फजल अटाला बवाल मामले में नामजद आरोपी है। उसे खुल्दाबाद थाने में दर्ज मामले में आरोपी बनाया गया है। घटना वाले दिन करेली स्थित उसके घर पर पहुंचकर पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह पुलिसकर्मियों को झांसा देकर निकल भागा था। सोमवार दोपहर में पुलिस को सूचना मिली थी कि फजल करेली में लेबर चौराहे के पास मौजूद है। इसके बाद इस बार उसे दबोचने के लिए एसओजी को लगाया गया।
एसओजी शहर, गंगापार समेत तीन टीमें दोपहर में मौके पर पहुंच गईं। साथ में करेली पुलिस की एक टीम भी थी। एसओजी के जवान पहले काफी देर तक लेबर चौराहे के पास स्थित एक अस्पताल के बाहर मंडराते रहे। कुछ देर बाद वह कुछ दूर पर स्थित एक फल की दुकान पर पहुंच गए। वहां भी वह काफी देर तक इधर उधर घूमते रहे। करीब ढाई घंटे तक एसओजी के जवान फजल की तलाश में लगे रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि वह एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। गौरतलब है कि फजल राजद्रोह के मामले में भी जेल जा चुका है। उस पर आरोप लगा था कि शहर में सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं के समर्थन में करेली स्थित अबूबकर मस्जिद के पास आपत्तिजनक पर्चे बांटने के मामले में वह शामिल था। मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि फजल की तलाश की जा रही है।