मंसूरअली पार्क में दिया था भाषण
जावेद की बेटी ने सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। दिल्ली के शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन में वह शामिल हुई थी। इसके अलावा शहर में खुल्दाबाद के मंसूर अली पार्क में कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन में भी शिरकत की थी। यहां उसने भाषण दिया था। समुदाय विशेष से संबंधित घटनाओं को लेकर वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जोरशोर से आवाज उठाती रही है।
बेटी ने पिता को बताया निर्दोष, वीडियो किया जारी
जुमे के दिन अटाला में हुए बवाल के मास्टरमाइंड बताए जा रहे जावेद मोहम्मद की बड़ी बेटी ने अपने पिता को निर्दोष बताया है। सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो जारी कर उसने अपने पिता और परिवार को फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि पुलिस ने नियमविरुद्ध तरीके से न सिर्फ उसके पिता बल्कि मां और छोटी बहन को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद से उनका कुछ अता-पता नहीं है। न ही पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी दे रही है।
उसने शनिवार को इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र भी भेजा है, साथ ही इस मामले का तुरंत संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उसने बताया है कि शुक्रवार रात 8.50 मिनट पर पुलिस उसके घर पहुंची और बिना किसी नोटिस या वारंट के उसके पिता को हिरासत में लेकर चली गई। जब परिवार के अन्य लोग और परिचित कोतवाली पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया गया। यही नहीं पुलिस अफसर यह भी बताने से इंकार करते रहे कि उसका पिता उनकी हिरासत में है या नहीं।
आधी रात के बाद दो बार घर में पहुंची पुलिस
बेटी का यह भी आरोप है कि रात 12.30 बजे के बाद दोबारा उसके घर कुछ पुलिसवाले पहुंचे। इसके बाद उसकी मां और छोटी बहन को भी साथ लेकर चले गए। इस दौरान घर में मौजूद उसकी भाभी व अन्य परिजनों को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। आरोप है कि रात 2.30 बजे के करीब एक बार फिर से पुलिस फोर्स उसके घर पहुंची और वहां मौजूद अन्य परिजनों को भी साथ चलने को कहा।
इंकार करने पर घर खाली करने और ताला लगाने की बात कहने लगे। आरोप यह भी है कि आधी रात पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बुलडोजर चलवाकर घर ढहाने की भी धमकी दी। वीडियो में उसने यह भी बताया है कि उसकी मां डायबिटीज की मरीज हैं और उसकी छोटी बहन महज 19 साल की है। पुलिस ने सूर्यास्त के बाद महिलाओं की गिरफ्तारी न किए जाने के नियम का भी पालन नहीं किया।