जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजी करने के दो आरोपियों की जमानत अर्जी सेशन न्यायालय ने खारिज कर दी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र ने सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश सिंह बिसेन एवं आरोपित जुबैर अली व फाजिर अली की जमानत अर्जी पर उनके अधिवक्ताओं के विस्तृत तर्कों को सुनने एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों का अवलोकन करने के बाद दिया।
अदालत ने कहा कि मामला राहगीरों पुलिस बल पर पथराव करने गोलियों और बमों से हमला करने का है। अतिरिक्त बल का प्रयोग कर नियंत्रित किया गया है। तमाम लोग घायल हुए हैं एवं संपत्ति को आग लगाकर नष्ट किया गया है। ऐसी स्थिति में जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार की जाने का कोई आधार पर्याप्त नहीं है।
यह रहा मामला
जिले के करेली थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 10 जून 2022 को हजारों की भीड़ करीब दो बजे अटाला मोहल्ले की तरफ से आई और पथराव करने लगी। पथराव छत से भी होने लगा। गोली बम चलाने लगे। इससे राहगीरों एवं पुलिस बल में लगे तमाम लोगों को चोटे आईं। उपद्रवी मोबाइल छीनने लगे और शस्त्र लूटने का प्रयास करने लगे। गाड़ियों में आग लगा दिए। छोटे बच्चों से खतरनाक कार्य कराया गया। ऐसा कार्य करने के लिए उनको उकसाया गया। अतिरिक्त बल का प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित किया गया। इस घटना में तमाम लोगों को गिरफ्तार किया गया है।