सरायइनायत थाना क्षेत्र के कोड़रू गांव में शनिवार की सुबह दस साल के मासूम ने घर के भीतर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त बालक के मां-बाप खेत में काम करने गए थे। लौटने पर बालक को फांसी पर लटका देखा तो शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर आनन-फानन में अंतिम संस्कार को लेकर चले गए। मामले की जानकारी पुलिस को भी नहीं दी गई। सूचना इलाकाई पुलिस को हुई तो श्मशान घाट पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। दस साल के बच्चे के द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी की घटना लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रही है।
थाना क्षेत्र के कोड़रू गांव निवासी गिरीश भारतीय(10) पुत्र उदयभान भारतीय निवासी आज सुबह तकरीबन दस बजे कच्चे मकान में खूंटी से रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उस वक्त मां-बाप गांव में ही मनरेगा के तहत चल रहे कार्य में मजदूरी करने गए थे। बालक के फांसी लगाने की जानकारी मिलने पर कोहराम मच गया। आनन फानन में परिजन घर पहुंचे तथा शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर अंतिम संस्कार के लिए लीलापुरकला घाट लेकर पहुंच गए।
इसी बीच किसी ने मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी। इस पर इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार पांडेय फोर्स के श्मशान घाट पर पहुंचे और बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। पुलिस के मुताबिक बालक गिरीश के मां की तकरीबन एक दशक पहले मौत हो गई थी। वह पिता और सौतेली मां व उसके दो बच्चों के साथ रहता था। परिजनों की माने तो बालक की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। गिरीश के पिता ने पुलिस को लिखकर दिया है कि बीमारी की वजह से उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।