रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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झूंसी में मेडिकल छात्रा संग गैंगरेप की घटना के विरोध में बिना अनुमति जुलूस निकालने में पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी समेत तीन लोगों पर पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही 150 अज्ञात लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
झूंसी में 23 फरवरी को मेडिकल छात्रा संग दरिंदगी हुई थी। कार में अगवा कर पहले उसे बुरी तरह पीटने के साथ ही सिगरेट से दागा गया था। फिर झूंसी स्थित कमरे में ले जाकर गैंगरेप किया गया था। मामले के तीनों नामजद आरोपी जेल में हैं लेकिन, अब तक अज्ञात आरोपियों को चिह्नित नहीं किया जा सका है। पीड़िता को नौकरी व मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में सात मार्च की शाम डफरिन अस्पताल से घंटाघर, ठठेरी बाजार समेत विभिन्न मार्गों से मशाल जुलूस निकाला गया।
लिस का आरोप है कि जुलूस किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए बिना निकाला गया। कोतवाली थाने में तैनात दरोगा राजूकृष्ण सिंह की तहरीर पर पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी, अधिवक्ता सुनील चौधरी व आर्यन वर्मा के साथ ही जुलूस में शामिल रहे 150 अज्ञात लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
बांटेंगे एक लाख पर्चे
प्रयागराज। उधर पीड़िता को नौकरी, मुआवजा व अन्य मांगों को लेकर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने एक लाख पर्चे बांटने का एलान किया है। उनका आरोप है कि प्रदेश की संवेदनहीन सरकार को जगाने के लिए ऐसे ही कदम उठाने पड़ेंगे। उधर इस संबंध में बारा मार्केट करेली चौराहे पर मो. हजला के नेतृत्व में नुक्कड़ सभा आयोजित कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की गई।