टिड्डियों का फसलों पर हमला
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हरी फसल, पत्तियां कर जाते हैं चट
टिड्डों का दल रात में जमीन पर उतरता है और सुबह फिर आगे लिए निकलता है। टिड्डे एक दिन अपने वजन का तीन गुना हरी फसल को चट कर जाते हैं। ऐसे में ये इनका झुंड जिधर से गुजरता है वहां की सब्जियों, फल, चारा, अन्य फसलें को काफी नुकसान होता है। हालांकि टिड्डों से बचाव तथा उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगातार उनके साथ चल रही है। इसके बावजूद यहां 50 लाख से एक करोड़ टिड्डों के दल के पहुंचने की आशंका है।
थाली-ढोल बजाने के साथ दवाओं का करें छिड़काव
टिड्डों से फसलों के बचाव के लिए ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। टिड्डे शाम होते ही खेतों में उतरने लगते हैं। ऐसे में उनका हमला होने पर ग्रामीणों को जगह-जगह एकत्रित होकर ढोल, थाली आदि बजाने की सलाह दी गई है। ढोल, थाली आदि की आवाज से टिड्डे खेतों में नहीं उतरेंगे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कई तरह की दवाओं के छिड़काव से भी फसलों को उनसे बचाया जा सकता है। किसानों को उन दवाओं के छिड़काव की सलाह दी जा रही है।