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प्रयागराज : धरी रह गई विरोध की रणनीति, पीएम मोदी के कार्यक्रम में नहीं फटक नहीं पाए संदिग्ध

Tue, 21 Dec 2021 09:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

29 फरवरी 2020 को परेड ग्राउंड में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिव्यांग व बुजुर्गों को उपकरण वितरित करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें अन्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे।
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Prayagraj News : पीएम के कार्यक्रम से पहले हाउस अरेस्ट सपा नेता जांटी यादव। - फोटो : प्रयागराज
करीब दो साल पहले जब प्रधानमंत्री परेड ग्राउंड में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में शामिल होेने आए थे तब पांच सपाइयों ने काले कपड़े लहराते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। ऐसी ही आशंका इस बार भी थी। लेकिन पुलिस की सजगता के चलते विरोध की रणनीति धरी रह गई। हाल यह रहा कि मंच तो दूर संदिग्ध वीआईपी रूट पर भी फटक नहीं पाए। यहां आला अफसर खुद लगातार पैदल गश्त करते रहे और इसी का नतीजा रहा कि कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

29 फरवरी 2020 को परेड ग्राउंड में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिव्यांग व बुजुर्गों को उपकरण वितरित करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें अन्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। तमाम सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद सपा के पांच कार्यकर्ताओं ने पीएम के भाषण के दौरान काले कपड़े लहराते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। जिससे पुलिस की जमकर फजीहत हुई थी।
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Prayagraj News : प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे इविवि छात्रों को रोकती पुलिस। - फोटो : प्रयागराज
पूर्व में भी हो चुके हैं प्रदर्शन

इसके अलावा पूर्व में भी पीएम और सीएम के आगमन के दौरान विरोध प्रदर्शन हो चुके थे। इसे देखते हुए मंगलवार को भी विरोध की आशंका थी। लेकिन पुलिस इसे लेकर पहले से चौकन्ना थी और इसी सजगता के चलते विरोध की रणनीति धरी रह गई। लाल सड़क पर हेलीपैड से मंच तक पहुंचने के रास्ते पर पहले से ही आवाजाही रोक दी गई थी। उधर सड़क से मंच तक  जाने वाले पंडाल के रास्ते पर केवल उन्हीं लोगों को इंट्री दी गई जिनका एसपीजी को दी गई सूची में नाम था।

जनप्रतिनिधियों के समर्थकों की भीड़ ने भीतर जाने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया। जिस पर उन्होंने जबरन भीतर जाना चाहा लेकिन मौके पर मौजूद एडीजी जोन प्रयागराज प्रेमप्रकाश ने उन्हें पीछे खदेड़ दिया। भीड़ ज्यादा देखते हुए उन्होंने मीडिया गैलरी की ओर बने इंट्री गेट केपास बैरिकेडिंग कराई और फिर यहां एक सेक्शन आरएएफ भी तैनात कर दी। उधर आईजी डॉ. राकेश सिंह व डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी भी लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति पर नजर रखे रहे। यही सजगता कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में काम आई।
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Prayagraj News : परेड मैदान में मातृशक्ति महाकुंभ को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : प्रयागराज
कई अन्य नेताओं को भी किया गया नजरबंद
विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एक दिन पहले ही कई विरोधी दलाें के नेताओं पर शिकंजा कस दिया था। उधर मंगलवार को भी कई पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने खुद को नजरबंद किए जाने का आरोप पुलिस पर लगाया। सपा नेत्री रिचा सिंह, अदील हमजा और अखिलेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी सुबह ही उनके घर पहुंच गए और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। उन्हें घंटों नजरबंद रखा गया। 

एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष समेत कई गिरफ्तार 
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अक्षय यादव का आरोप है कि वह प्रधानमंत्री के शहर आगमन पर छात्रों और बेरोजगारों की समस्या को लेकर ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अक्षय ने कहा कि सरकार छात्रों से क्यों डरी है। पुलिस की ताकत दिखाकर हमें चुप कराया जा रहा है। 
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नाराज युवा मंच कार्यकर्ताओं ने निकाला कैंडल मार्च
प्रधानमंत्री के शहर से जाते ही युवा मंच कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम सलोरी में सड़क पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला। उनका आरोप था कि बालसन चौराहे पर दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था।

युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि रोजगार आंदोलन चला रहे युवाओं से मुलाकात न कराने के पीछे प्रमुख वजह यह भय है कि कहीं फर्जी आंकड़ों से गढ़ी गई योगी सरकार की छवि न खराब हो जाए। चेतावनी दी है कि अगर इसी महीने पांच लाख से ज्यादा रिक्त पदों का विज्ञापित नहीं किया गया तो इसका अंजाम भाजपा सरकार को भुगतना होगा। प्रदर्शन में संयोजक राजेश सचान, करन सिंह परिहार, बीएल यादव, अरुण कुमार, शिबलू आदि मौजूद रहे। 
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