आनंद भवन आगमन पर प्रियंका गांधी के दूरी बनाने के बाद प्रयागराज के नेताओं के माथे पर बल पड़ गए हैं। सोमवार को आनंद भवन आने की इत्तिला जिला व शहर कमेटी के जिम्मेदारों को न देकर उन्होंने कड़ा संदेश दिया है। इससे साफ जाहिर है कि वह संगठन के लोगों से किस कदर नाराज हैं।
चुनाव बाद बड़े पैमाने पर संगठन में बदलाव की बातें कही जा रही हैं। इस बार प्रियंका के चित्रकूट दौरे की भी जानकारी प्रयागराज संगठन को नहीं दी गई थी। जिले के वरिष्ठ नेताओं को यह भी पता नहीं था कि वह किस जगह चुनावी रैली को संबोधित करने आई थीं।
हालांकि जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी का कहना है कि उनको प्रियंका के चुनावी दौरे की खबर थी, लेकिन प्रयागराज में उनका कोई कार्यक्रम निर्धारित न होने की वजह से किसी को जानकारी नहीं दी गई। शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष नफीस अनवर को भी पता नहीं था। जोनल प्रवक्ता जावेद उर्फी के अलावा कुछ नेताओं को जैसे ही प्रियंका के आने की भनक मिली, वह उल्टे पांव स्वराज भवन पहुंचे, लेकिन तबतक उनका काफिला निकल चुका था।
प्रियंका गांधी ने आनंद भवन में करीब आधे घंटे गुजारे। इस दौरान स्वराज भवन के स्टाफ से उन्होंने चाय मंगाई। अधिकारियों के आग्रह पर उन्होंने बेटे रेहान के साथ कल्लू कचौड़ी वाले का समोसा और बिस्कुट ब्रेक फास्ट में लिया।